राजगढ़

रात में मंडी पहुंचे किसान, अंधेरे में बितानी पड़ी रात, सोने की जगह भी नहीं मिली!

भावांतर भुगतान योजना की खरीदी में दिक्कत....
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Oct 31, 2018
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रात में मंडी पहुंचे किसान, अंधेरे में बितानी पड़ी रात, सोने की जगह भी नहीं मिली!

राजगढ़। दो दिन की छुट्टियों के बाद मंगलवार को खुली मंडी में अभी तक सर्वाधिक आवक हुई। इतने सालों मे एक दिन में आने वाली यह सबसे ज्यादा आवक रही। दिनभर में करीब 26 हजार क्विंटल सोयाबीन की आवक मंडी में हुई। सोमवार रात से ही किसानों का जमावड़ा मंडी में लग गया।


मुख्य मंडी के पास ही बनीं नई मंडी के खुले परिसर में किसानों के वाहन लगा दिए गए। जहां मंडी प्रशासन द्वारा न किसी प्रकार की बिजली व्यवस्था नहीं की गई और न ही पानी और शौचालय की। इससे नये मंडी परिसर में अंधेरे में ही आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के बीच रात बिताना पड़ी।

धूल खा रहा विश्राम गृह, शौचालय भी क्षतिग्रस्त...
किसानों के विश्राम के लिए बनाया गया विश्राम गृह धूल खा रहा है जिसका ताला ही सालों से नहीं खुला। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

पानी के लिए भी पुरानी टंकियों में व्यवस्था की गई है जो कि किसानों की संख्या के हिसाब से नाकाफी है। साल में दो या तीन बार एक साथ आने वाले इन किसानों की सुविधा का न मंडी प्रशासन ध्यान रख पाती है न ही स्थानीय प्रशासन।

पीएम, सीएम भले किसानों की सुविधा के नाम पर लाखों-करोड़ों खर्च कर ले लेकिन उन तक उतना ही पहुंचता है जितना बिचौलिए जिम्मेदार चाहें।

पांच रुपए वाले खाने के भी बुरे हाल....
शासन स्तर पर किसानों को खाना मुहैया करवाने के लिए पांच रुपए के शुल्क में हर कैंटिन में खाने की व्यवस्था की गई है। जिसमें पांच रुपए के कूपन पर किसानों को खाना मिलता है।
इतनी बड़ी मंडी में एक ही कैंटीन के भरोसे व्यवस्था है जिससे किसानों को समय पर खाना नहीं मिल पाता। इससे दूर-दराज से आने वाले किसानों को मंडी में समय न खाना मिल पाता न रहना और न ही पीने का पानी। इससे शासन स्तर पर किए जाने वाले खर्च का अनुमान और किसानों की सुविधाओं का आकलन किया जा सकता है।

आवक और भाव पर एक नजर
उपज ....... भाव ....... आवक
सोयाबीन .............. 2965-3135 .......... 21,372
गेहूं ..... 1840-1961 .. .. .. .. 695
चना ....... 3 430-3605 . ...... 430
मक्का ............. 1180-1460 ........... 1610
धनिया ....... 3890-5140 ...... 229
उड़द ....... 3800-800 ...... 02
मसूरढ ................ 3100-3345 .... 75
मूंग .......... 3765-4000 ...... 06
(नोट : ब्यावरा मंडी से प्राप्त जानकारी प्रति क्विंटल में)

बिजली व्यवस्था करवा देंगे
हर किसान खाना खाने के हिसाब से नहीं आता है, जो आता है वह अनुबंध पत्रक दिखाकर खाना ले सकता है। पानी के लिए टंकियां भरी हैं, रही बात बिजली की तो एक ही बीती रात को ही किसान आए थे, हम व्यवस्था करवा देंगे।
-आरके रावत, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, ब्यावरा

Published on:
31 Oct 2018 12:57 pm