अमानक खाद्य पदार्थ को लेकर हम्बल काऊ डेयरी पीलूखेड़ी कंपनी मामले में एडीएम न्यायालय ने सुनवाई करते हुए 20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया।
BHANU TAHKUR
राजगढ़। अमानक खाद्य पदार्थ को लेकर हम्बल काऊ डेयरी पीलूखेड़ी कंपनी मामले में एडीएम न्यायालय ने सुनवाई करते हुए 20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया। वही श्री राम दूध डेयरी राजगढ़ पर 2 लाख रूपए का अर्थदंड से आरोपित किया गया। उल्लेखनीय है कि जिले में मिलावटी दूध जमकर दिख रहा है जिसको लेकर समय-समय पर कार्रवाई भी देखने को मिलती हैं लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होती इस बार एडीएम न्यायालय द्वारा यह बड़ी कार्रवाई की गई है जिसको लेकर अब अन्य मिलावटखोरों में भी दहशत का माहौल बड़ा है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलाटवखोरो के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्यवाही की जाती है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत अमानक पदार्थ भैंस के दूध का मानव उपयोग के लिए विक्रय एवं संग्रहण के आरोप में एफएसएसएआई की रिपोर्ट व खाद्य निरीक्षक के द्वारा प्रस्तुत परिवाद पत्र के आधार पर एडीएम न्यायालय अपर कलेक्टर कमलचंद्र नागर ने सुनवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 5 मिलावटखोरों पर 20 लाख एवं एक मिलावटखोर पर 2 लाख रूपए के अर्थदंड से दंडित किया।
पहला मामला
अपर कलेक्टर कमलचंद्र नागर ने हम्बल काऊ डेयरी पीलूखेडी ( विंध्याचल डिस्टलरी के निदेशक) के खिलाफ एफएसएसएआई की रिपोर्ट व खाद्य निरीक्षक के द्वारा प्रस्तुत परिवाद पत्र के आधार पर सुनवाई करते हुए कंपनी निदेशक संजीव खन्ना, अतिरिक्त निदेशक संदीप खन्ना, एडीशनल डायरेक्टर आलोक खान, निदेशक आन्नयन खान सहित मांगीलाल वर्मा विक्रेता पर क्रमश: प्रत्येक कर्मचारी पर 4-4 लाख कुल 20 लाख रूपए खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 51 के तहत अर्थदंड आरोपित किया गया तथा अर्थदण्ड की राशि 30 दिवस के अंदर जमा नही करने की स्थिति में संस्थान की अनुज्ञपित निरस्त किए जाने के आदेश दिके।
दूसरा मामला
श्रीराम दूध डेयरी राजगढ़ संचालक कमलसिंह पिता लक्ष्मीनारायण दांगी के द्वारा अमानक खाद्य पदार्थ मिश्रित दूध एवं देशी का मानव उपयोग के लिए विक्रय करने एवं दुकान परिसर में अपद्रव्य के रूप में सफेद पावडर व थ्री बर्ड घी एक्सेसल्लमेंट का संग्रहण किए जाने के आरोप में अनावेदक पर 2 लाख रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। साथ ही उक्त राशि 30 दिवस के भीतर जमा नही करने की स्थिति में संस्थान की अनुज्ञपित निरस्त किए जाने के आदेश भी दिए।
जारी रहेगी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इस गंभीर प्रकरण में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इस संबंध में मिलावट खोरी अभियान के तहत यह कार्यवाही की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी पुर्नरावृत्ति न हो एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करे। यहां खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा की गई कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
वर्ज़न। दूध में मिलावट करना लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। दूध में मिलावट के दो प्रकरण प्राप्त किए गये थे। प्रकरण की गंभीरता, जनहित एवं भविष्य में इस प्रकार के कृत्य की पुर्नरावृति न हो इसके लिए अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माना अधिरोपित किया गया है। भविष्य में भी मिलावटखोरों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही जारी रहेगी।
कमलचंद्र नागर अपर कलेक्टर, राजगढ़