
Biaora-Sonkatch Rail Line: भोपाल-रामगंज मंडी नई रेल लाइन परियोजना के तहत ब्यावरा-सोनकच्छ सेक्शन की तैयारियों का बुधवार शाम चीफ इंजीनियर (सीई) निरीक्षण करने पहुंचे। करीब शाम 6 बजे ब्यावरा स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ ट्रैक का निरीक्षण किया। लगभग एक घंटे तक ट्रैक, पुल-पुलिया, पाथ-वे और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अधूरे और गुणवत्ता संबंधी कार्य सामने आने पर सीई ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान ट्रैक की फिनिशिंग, बैलेस्ट पैकिंग, ड्रेनेज, सुरक्षा व्यवस्था, सिग्नलिंग से जुड़े कार्यों और अन्य सिविल वर्क की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से एक-एक बिंदु पर प्रगति रिपोर्ट ली गई और जहां कार्य अधूरा मिला, जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारियों से कहा कि हर हाल में आठ दिन के भीतर पूरा सेक्शन ओके हो जाना चाहिए।
निरीक्षण की शुरुआत मोया रोड के पास बने अंडरब्रिज से हुई। यहां ट्रैक तक जाने के लिए बनाई गई सीमेंट की सीढ़ियों और पाथ-वे पर कुछ जगह से सीमेंट उखड़ता देखकर सीई ने नाराजगी जताई। उन्होंने इसे निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट कहा कि सीआरएस निरीक्षण से पहले किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
दरअसल, भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन परियोजना के करीब 21.5 किमी इस हिस्से में जल्द ही सीआरएस निरीक्षण प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि अगले आठ-दस दिन में सीआरएस हो सकता है। ऐसे में इससे पहले कुछ दिन पूर्व मुख्य परियोजना प्रबंधक (सीपीएम) भी ट्रॉली इंस्पेक्शन कर चुके हैं। अब चीफ इंजीनियर के निरीक्षण के बाद परियोजना की मॉनिटरिंग और तेज हो गई है। रेलवे अधिकारियों का प्रयास है कि निर्धारित समय में सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की पूर्ति कर सेक्शन को सीआरएस के लिए प्रस्तुत किया जा सके। निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना से जुड़े इंजीनियर और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।