राजगढ़

लाखों रुपए खर्च किए, कागजों से बाहर नहीं निकला सिटी डेवलपमेंट का प्लान!

लाखों रुपए खर्च किए, कागजों से बाहर नहीं निकला सिटी डेवलपमेंट का प्लान!
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Jul 31, 2018
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लाखों रुपए खर्च किए, कागजों से बाहर नहीं निकला सिटी डेवलपमेंट का प्लान!

ब्यावरा. चुनावी सब्जबाग दिखाने की नेताओं की कहावत अब अफसरों पर भी लागू होने लगी है, जिन सुनहरे वादों के साथ अधिकारी, अफसर प्लॉन तैयार करते हैं वे जमीन पर उतर ही नहीं पाते। जिले के प्रमुख शहरों के डेवलपमेंट प्लॉन के भी ऐसे ही हाल हैं। लाखों रुपए डीपीआर पर खर्च करने के बावजूद प्लॉन कागजों तक सीमित रह गए हैं।
दरअसल, जिला मुख्यालय सहित ब्यावरा, नरसिंहगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर सहित अन्य बड़े शहरों के लिए करीब 10 साल पहले तैयार किया गया सिटी डवलपमेंट प्लॉन कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। प्लॉनिंग तो दूर लोगों को बुनियादी सुविधाएं तक इन शहरी क्षेत्र में नहीं मिल पा रही हैं। बड़े मंचों पर मेट्रो सिटी से ख्वाब दिखाने वाले जिम्मेदार गली मोहल्लों की सड़कें, नालियां भी नहीं बनवा पा रहे हैं।

प्लान और उनकी हकीकत
ट्रांसपोर्ट नगर
हर शहर में ट्रांसपोर्ट नगर की मांग हर चुनावी पैम्पलेट में शामिल होती है, तमाम प्रकार की मांगों के बावजूद ब्यावरा शहर में इसकी योजना तक तैयार नहीं हुई। ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर अभी भी लोग परेशान हैं। तमाम वाहन इधर-उधर खड़े रहते हैं।

पार्क डेवलपमेंट
जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत, घूमघाटी सहित ब्यावरा में अपना नगर, बस स्टैंड और पंचमुखी मैदान पर पार्क की योजना सिटी डवलपमेंट में भी थी और अभी की परिषद ने भी तैयारी की थी, लेकिन एक पौधा भी पार्क के नाम पर नहीं लगा।

पार्किंग जोन
बदहाल ट्रैफिक के बाद दूसरी बड़ी चुनौती शहरी क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था है जिसे लेकर कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की गई। सिटी डेवलपमेंट प्लॉन में आर्किटेक ने इसकी डीपीआर तैयार की थी,लेकिन आज तक वह डीपीआर बाहर नहीं आ पाई।

सीवेज ट्रीटमेंट
शहरी क्षेत्र में नाला बन चुकी और अपना अस्तित्व खोती जा रही अजनार नदी की दशा सुधारने सीवेज ट्रीटमेंट प्लॉन कई बार तैयार किए गए। 10 सालों में कई बार आॢकटेक आए, भोपाल की निजी कंपनी ने सर्वे किया,लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर काम शून्य है।

लाइटिंग युक्त सब्जी मार्केट
ब्यावरा के मुख्य बाजार से थोक सब्जी मार्केट मंडी में शिफ्ट करने के बाद नपा ने पंचमुखी मैदान पर लाइटिंग युक्त व्यवस्थित सब्जी मार्केट तैयार करने की योजना बनाई थी। इसके लिए करीब 95 लाख रुपए से सीसीकरण भी किया गया, लेकिन सब्जी वाले कीचड़ में बैठे हैं और सीसीकरण पर मवेशी भटक रहे हैं।

परिसर में जमी धूल
-10 साल से कागजों में उलझे प्लॉन।
-10 लाख से अधिक डीपीआर पर खर्च।
-10 लाख से बन रही टंकी, लेकिन प्लॉन में नहीं।
-10 बिंदू किए थे तैयार एक भी पूरा नहीं।
-03 साल में 03 गार्डन में तीन 03 पौधे तक नहीं लगे।
-95 लाख रुपए पंचमुखी पर लगाए, धूल खा रहा परिसर।

सिटी डेवलपमेंट की कार्ययोजना बनाकर भेज दी गई थी, लेकिन विकास कार्यों को लेकर नये सिरे से प्लॉन बनाए गए हैं, जिन पर काम किया जा रहा है। साथ ही अन्य नये काम भी हम प्लॉन कर रहे हैं।
-इकरार अहमद, सीएमओ, नपा, ब्यावरा

हमारे यहां ऐसे प्लॉन नहीं आते, इस बारे में सीएमओही कुछबता पाएंगे। जहां तक विकास कार्यों की बात है तो योजनाएं बनती रहती हैं,लेकिन नपा लेवल पर ही इसकी रूपरेखा तैयार की जाती है।
-आर. पी. नायक, पी. ओ., शहरी विकास अभिकरण, राजगढ़

Updated on:
31 Jul 2018 11:04 am
Published on:
31 Jul 2018 11:04 am