
tractor-trolley collided with truck in horrific road accident (Patrika.com)
MP news: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के माचलपुर में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। माचलपुर से ही लगे सांवलपुरा से देवीगढ़ नयागांव शादी के बाने में जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पीपल्याकुल्मी रोड स्थित पेट्रोल पम्प के पास एलएनटी मशीन ले जा रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रॉली अनियंत्रित होकर नाले में पलट गई। हादसे के समय ट्रॉली में करीब 35 से लोग सवार थे। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को तुरंत माचलपुर अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में मूल रूप से कचनारिया और वर्तमान में माचलपुर में ही थाने के सामने रहने वाले ग्रामसेवक लालसिंह गुर्जर की 60 वर्षीय पत्नी कबूबाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रात में ही गंभीर हालत में झालावाड़ रेफर किए गए शिक्षक बालकृष्ण दांगी (45) और 10 वर्षीय सलोनी ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे में कुल तीन लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं, 15 से अधिक गंभीर घायलों को राजगढ़ जिला अस्पताल और झालावाड़ रेफर किया गया है। वहीं, अन्य घायलों का इलाज माचलपुर अस्पताल में जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अंकिता जैन, एसडीओपी धर्मराज नागर, थाना प्रभारी आदित्य सोनी, भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव, छापीहेड़ा थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती, स्थानीय तहसीलदार, पटवारियों की टीम सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एसडीएम ने मौके से ही अपने तहसीलदार और पटवारियो की टीम को झालावाड़ भेजा, साथ ही घायलों की जानकारी ली।
अपने परिजन की मौत से आहत परिजनों की चीख-पुकार अस्पताल में भी मच गई। साथ ही लंबे समय से व्याप्त अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर भी हंगामे की स्थिति बनीं। लोगों ने अस्पताल में जमकर उत्पाद मचाया और हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम लगा दिया, वाहनों के पहिए थमे रहे। बाद में प्रशासन और पुलिस की टीम ने मोर्चा संभाला और भीड़ को तीतर-भीतर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर के हिस्से अलग हो गए और ट्रॉली पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह भी बताया जाता है कि कंटेनर चालक नशे में था, पीपल्या कुल्मी से होकर जब वह आया तो वहां भी उसकी रफ्तार काफी ज्यादा थी।
माचलपुर की राजनीतिक का शिकार हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के नाम पर कुछ भी नहीं है। लंबे समय से डॉक्टर्स नहीं है, डीआरपी और पेरी-फेरी वाले डॉक्टर्स की ड्यूटी लगाई गई है। यानी स्थायी डॉक्टर कोई नहीं है। वहां पर मौजूद ट्रैनी डॉक्टर्स (डीआरपी) डॉ. तुषार गुप्ता, डॉ. जतिन शर्मा और डॉ. सिमरन ठाकुर ने भीड़ के बीच में घायलों का उपचार किया। उन्हें संभाला और प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया। विपरीत परिस्थितियों में वे डॉक्टर्स वॉरियर बनकर सामने आए। करीब 10.30 बजे सीबीएम डॉ. सुनील चौरसिया पहुंचे और व्यवस्था संभाली। वहीं, जिले की घटिया स्वास्थ्य सेवाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विवादों में रहने वाली डॉ. पायल अभी भी माचलपुर से वेतन आहरण कर रही हैं जबकि वे पड़ोसी जिले शाजापुर में कार्यरत हैं। (MP news)
Published on:
15 Apr 2026 06:17 pm
