
Child Marriage nine year old boy was married to eight year old girl
राजेश विश्वकर्मा/राजगढ़
MP News: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में बाल विवाह का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आठ साल की बच्ची की नौ साल के बच्चे से शादी करा दी गई। हैरानी की बात तो ये है कि बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन शादी को रुकवा नहीं पाया और परिवार की चालाकी से धोखा खा गया। महिला बाल विकास के अधिकारी पुलिस टीम के साथ एक दिन पहले बाल विवाह की सूचना पर रुकवाने के लिए गांव पहुंचे थे लेकिन परिवार के लोगों ने दूसरा दूल्हा दिखाकर उन्हें धोखा दे दिया और दूसरे दिन बच्चों की शादी करा दी।
बाल विवाह का चौंका देने वाला मामला भोजपुर थाना इलाके के कुशलपुरा गांव का है जहां के नौ साल के बच्चे की बारात देवाखेड़ी गांव में गई थी और वहां की आठ साल की बच्ची से उसका बाल विवाह किया गया। आम शादियों की तरह नौ साल के बच्चे की वर निकासी निकाली गई। हल्दी, मेहंदी सब लगाई गई। तमाम प्रकार की वैवाहिक रस्में की गईं। जब शादी हुई तब तक किसी को पता नहीं चल पाया लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया पर नौ साल के बच्चे के विवाह की रील डाली गई तो वह वायरल होने लगी, इसके बाद प्रशासन ने इस पर ध्यान दिया और टीम भेजकर थाने में शिकायत करवाई। अब भोजपुर थाने में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इसी गांव में मिली बाल विवाह की सूचना के लिए प्रशासन की टीम पहुंची थी। टीम में पुलिस, महिला बाल विकास अधिकारी थे। उन्होंने गांव में शादी वाला घर ढूंढ़ा, वहां दूल्हे के बारे में पूछा तो वहां दूसरा दूल्हा बता दिया गया। अब अगले दिन जब तेजी से उसकी शादी का वीडियो वायरल हुआ तब प्रशासन को याद आया। यानी इतनी बड़ी ट्रेंड प्रशासनिक टीम, नोडल अधिकारी किसी को भी यह याद नहीं आया कि कैसे यहां बाल विवाह हो गया? गांव के सरपंच, सचिव, जीआरएस आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चौकीदार कोई इसकी सूचना नहीं दे पाया? इससे हमारे नाकाम प्रशासनिक तंत्र का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नाबालिगों के भविष्य को अंधकार में डालने वाला दूसरा मामला करनवास थाना क्षेत्र का है। यहां की एक नौ साल की बच्ची की पहले सगाई की गई, फिर आगामी 26 अप्रैल को सुठालिया क्षेत्र में होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी ही तय कर दी। यहां तक कि राशि भी जमा करवा दी, लेकिन जमा करने वालों ने बच्ची की आयु नहीं देखी। जानकारी के अनुसार करनवास के छतरी गांव की नाबालिग को उसके दादाजी का साडू भाई भंडारे में ले जाने का कहकर अपने साथ ले गया था और वहां उसकी सगाई कर शादी की तारीख तय कर दी। बाद में बच्ची के दादा, पिता और मामा को इसका पता चला तो वो बच्ची को वापस लेकर आए। इस पर बच्ची को ले जाने वाला साडू दादागिरी करने लगा और झगड़े के नौ लाख रुपए मांगने लगा। बताया जाता है कि उसने अपने रिश्तेदार के बच्चों की शादी के अदला-बदली में बच्ची की सगाई की थी। बच्ची की मां नहीं है, इसलिए उसने यह तर्क दिया कि उसे पालने वाला कोई नहीं है तो हम शादी कर देते हैं। पूरे मामले की गांव के लोगों ने एसपी और महिला बाल विकास विभाग में शिकायत की है। पुलिस ने मामला जांच में लिया है।
Updated on:
15 Apr 2026 06:38 pm
Published on:
15 Apr 2026 06:28 pm
