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सीएम कन्यादान योजना: ‘अक्षय तृतीया पर शादी’ के कार्ड बांटे, अब नये नियम में अटके फेरे

CM Kanyadan Yojana Akshya Tritiya: मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की उम्मीद में बांटे कार्ड, दे दिया निमंत्रण, अब नए नियम और सीमित लक्ष्य से सैकड़ों आवेदन खारिज, अक्षय तृतीया पर तय बेटियों की शादियों पर मंडराया संकट

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Akshya Tritiya wedding CM Kanyadan Yojana new rule issue

Akshya Tritiya wedding CM Kanyadan Yojana new rule issue (photo:patrika creative)

CM Kanyadan Yojana Akshaya Tritiya Wedding: मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री कन्यादान योजना' नए नियमों के पेंच और सीमित कोटे के कारण गरीब परिवारों के लिए खुशियों के बजाय मुसीबत का सबब बन गई है। अक्षय तृतीया को होने वाले सामूहिक सम्मेलनों के लिए शासन का निर्धारित कोटा पूरा होते ही पोर्टल बंद हो गया है। इसका नतीजा ये हुआ कि, जिन परिवारों ने अपनी बेटियों की शादी तय कर कार्ड तक बांट दिए थे, उनके सामने अब शादी टालने या साहूकारों से कर्ज लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

केस

1- दयावरा के प्रेमनारायण अहिरवार की बेटी शिवानी (परिवर्तित नाम) का विवाह अक्षय तृतीया पर 19 अप्रेल को तय है। परिवार ने योजना के तहत आवेदन कर रिश्तेदारों को निमंत्रण तक भेज दिया, लेकिन जब आवेदन ऑनलाइन दर्ज करने की बारी आई तो पोर्टल लॉक हो चुका था।

2- यही व्यथा सारंगपुर की सनम बी और शाहरुख की भी है, जिनका निकाह इसी तकनीकी और नीतिगत पेंच में फंस गया है।

दर्जनों परिवार मुश्किल में

नरसिंहगढ़ जनपद में भी दर्जनों परिवार इसी दुविधा में हैं कि मुहूर्त पर शादी करें या सरकारी मदद के इंतजार में तारीख आगे बढ़ाएं। दरअसल, इस बार योजना के गणित ने शहरी क्षेत्र के गरीबों को हाशिए पर धकेल दिया है।

इन जिलों से 200 जोड़ों का लक्ष्य

19 अप्रेल को दयावरा, नरसिंहगढ़ और सारंगपुर में कुल 200 जोड़ों का लक्ष्य है। चौंकाने वाली बात यह कि इनमें से 83 प्रतिशत यानी 167 जोड़े ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जबकि शहरी निकायों के हिस्से मात्र 13 प्रतिशत (26 जोड़े) ही आए हैं।

इन नगर पालिका क्षेत्रों का हाल और भी बुरा

दयावरा और सुठालिया नगर पालिका क्षेत्र का हाल तो और भी बुरा है। यहां से महज चार आवेदन स्वीकृत हुए हैं। सुठालिया निकाय का तो खाता तक नहीं खुल सका है। आरोप लग रहे हैं कि पंचायतों ने तेजी दिखाते हुए पहले ही कोटे पर कब्जा कर लिया, जिससे शहरी गरीब वंचित रह गए।

300 आवेदन लेकिन मंजूरी 67 को, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें

सरकार ने नए नियमों के तहत पूरे सीजन में केवल चार तारीखों पर 200-200 जोड़ों (कुल 800) की शादियों का लक्ष्य रखा है। देवउठनी ग्यारस की दो तारीखें बीत चुकी हैं, अब अक्षय तृतीया समेत मात्र दो अवसर शेष हैं। य़ावरा और नरसिंहगढ़ में 67-67 और सारंगपुर में 66 जोड़ों का ही लक्ष्य निर्धारित है।

जबकि धरातल पर स्थिति यह है कि आवेदन 126 से लेकर 300 तक जमा हुए थे। कोटा सीमित होने के कारण शेष आवेदनों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। इस विसंगति को लेकर जिले की 14 निकायों से अब तक 40 से ज्यादा शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई जा चुकी हैं।

शामिल करा देंगे

देखिए, मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट के प्रस्ताव अनुसार ही प्रत्येक तारीख पर 200-200 की संख्या तय की गई है। उसमें हम कुछ भी नहीं कर सकते हैं। हमारे पास सिर्फ वही आवेदन पहुंचे हैं, जो जनपद से पोर्टल पर दर्ज हुए हैं। अन्य शेष जो आवेदन रह गए हैं, उन्हें हम संबंधितों से अगली तारीख पर होने पर अन्य ब्लॉक के सम्मेलनों में शामिल करा देंगे।

- ज्योति राजौरे, डिप्टी कलेऋटर व प्रभारी सामाजिक न्याय राजगढ़