
Rajgarh Crime: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र में ढाबा संचालक द्वारा सरकारी काम में बाधा डालने और बालश्रम की जांच करने पहुंची टीम से दुर्व्यवहार का मामला सामे आया है। बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराने के लिए जांच करने पहुंची टीम को ही ढाबे पर विरोध और अभद्रता का सामना करना पड़ा। खिलचीपुर के लक्ष्यराज ढाबे पर बालश्रम की शिकायत की जांच के दौरान गाली-गलौज और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने ढाबा संचालक दुर्गेश भाटी और धनराज सिंह के खिलाफ रात में ही एफआईआर दर्ज की।
जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम को शिकायत मिली थी कि ढाबे पर करीब 10 वर्ष के बच्चे से काम कराया जा रहा है। शिकायत में बच्चों से ग्राहकों को शराब परोसने, नॉनवेज से संबंधित काम करने और बर्तन धुलवाने जैसे कार्य कराए जाने की बात कही गई थी। शिकायत के आधार पर बुधवार शाम करीब 5:30 बजे श्रम विभाग, पुलिस विभाग और अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त टीम जांच के लिए ढाबे पर पहुंची।
जांच के दौरान टीम को मौके पर एक बच्चा काम करता मिला। टीम ने मामले की जानकारी जुटाने और संबंधित लोगों से बातचीत करने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोप है कि ढाबा संचालक और वहां मौजूद लोगों ने टीम के साथ अभद्रता की और अपशब्दों का प्रयोग किया। साथ ही जांच प्रक्रिया में बाधा डाली। इसके बाद टीम ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
खिलचीपुर पुलिस ने दुर्गेश भाटी और धनराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी) और 221 तथा बालक और किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 3 एवं 14 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। ढाबे पर लोगों को बैठाकर शराब परोसने के मामले में भी संबंधित कानूनी कार्रवाई की जानी है।
कार्रवाई के दौरान श्रम निरीक्षक मनोज चौहान, अहिंसा वेलफेयर सोसायटी एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन की निकिता मेवाड़े, विशेष किशोर पुलिस इकाई की प्रधान आरक्षक बिंदु सिंह और खिलचीपुर थाने की पुलिस टीम मौजूद रही।