21 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजगढ़ में दुर्गा विसर्जन में विवाद, पुलिसकर्मी पर लाठी मारने का आरोप, बच्चा घायल

Durga Visarjan Dispute: विवाद के मामले ने पकड़ा तूल, पुलिसकर्मी लाइन अटैच, दुर्गा उत्सव समिति ने सौंपा ज्ञापन, तीन दिन में कार्रवाई की मांग।
2 min read
Google source verification
rajgarh police

durga visarjan dispute policeman line attached, पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप (Source-Patrika)

Rajgarh Durga Visarjan Dispute: मध्यप्रदेश के राजगढञ जिले के कुरावर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन चल समारोह के दौरान हुए विवाद में एक पुलिसकर्मी को लाइन अटैच किया गया है। वहीं विवाद को लेकर दुर्गा उत्सव समिति ने बुधवार को थाने में ज्ञापन सौंपा है। इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर जहां प्रशासनिक कार्रवाई के तहत पुलिसकर्मी पर गाज गिरी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय समिति ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और न्याय की मांग की है।

पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप, लाइन अटैच

विसर्जन जुलूस के दौरान ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी बलराम परमार पर डीजे चालक से कथित मारपीट का आरोप है। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बलराम परमार ने डीजे चालक पर लाठी से हमला किया था। घटना का विरोध सामने आने और मामले ने तूल पकड़ने के बाद, जिला पुलिस प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए संबंधित पुलिसकर्मी बलराम परमार को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। टीआई कुरावर जितेन्द्र मवई ने बताया कि हर पहलू पर गंभीरता के साथ जांच कर रहे है। समिति की ओर से भी ज्ञापन मिला है। दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है, जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

समिति ने दी चेतावनी

पुलिसकर्मी के लाइन अटैच होने के बाद, वार्ड-13 की जय मां कामेश्वरी दुर्गा उत्सव समिति ने भी थाने में लिखित ज्ञापन सौंपा है। समिति ने ज्ञापन के जरिए पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं आरोप लगाए है कि चल समारोह पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से और थाना प्रभारी के दिशा-निर्देशों के अनुसार निकाला रहा था। इसके बावजूद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया और डीजे संचालक को डंडों से पीटा। इस दौरान समिति के दो सदस्यों के हाथ और पैर में चोट लगने की बात भी कही गई है। समिति ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच कराई जाए और चेतावनी दी है कि यदि 2 से 3 दिनों के भीतर उनकी शिकायत पर उचित संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।