राजगढ़

Election Result 2024: दिग्विजय सिंह की बात हुई सच, जानें एक झटके में खत्म हुआ 50 साल का पॉलिटिकल कॅरियर

Election Result 2024: मध्य प्रदेश की राजगढ़ लोक सभा सीट पर चुनावी प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने उम्र का तकाजा करते हुए कहा था 'ये मेरा आखिरी चुनाव', जानें राजगढ़ लोक सभा सीट पर क्यों करना पड़ा हार का सामना

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Jun 05, 2024

Election Result 2024: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मजबूत गढ़ राजगढ़ में लगातार तीसरी बार भाजपा उम्मीदवार की जीत चौंकाने वाली नहीं है। कांग्रेस ने सीट छीनने के लिए बड़ा दांव खेला था, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह चुनाव मैदान में पहले ही दिन से सफाई देते और माफी मांगते नजर आए।

अपनी उम्र का हवाला देते हुए यह भी कहते रहे कि यह मेरा आखिरी चुनाव है। यह अपील बुजुर्ग मतदाताओं पर तो काम करती दिखी, लेकिन युवा मतदाताओं की सहानुभूति नहीं जुटा पाई। युवा आगे का विजन देखना चाहता है।

युवा चेहरों को दरकिनार कर दिग्गी को दिया टिकट

जबकि कांग्रेस के लिए इस बार परिस्थितियां अनुकूल थीं। प्रियवृत सिंह, जयवर्धन सिंह, रामचंद्र दांगी जैसे अपेक्षाकृत युवा चेहरों को दरकिनार कर दिग्विजय सिंह को टिकट दिया गया।

भाजपा ने भी चौंकाया था

भाजपा प्रत्याशी रोडमल नागर को तीसरी बार मैदान में उतारने से पार्टी के जिले के पांचों विधायक सहित तमाम कार्यकर्ता चौंक गए थे। जिनकी शिकायतें लगातार की जा रही थी, उन्हें भी टिकट मिल जाए तो उनका चौंकना स्वाभाविक था। फिर भी संघ से गहरे जुड़े रोडमल नागर के लिए आखिर में सब एक हो गए। क्षेत्र के मोदी और भाजपा के नाम पर वोट पड़े। पिछले चुनाव के मुकाबले कम वोटों से ही सहीं, जीती तो भाजपा ही।

दिग्विजय सिंह का राजनीतिक सफर

  • दिग्विजय सिंह ने 1969 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
  • सबसे पहले वह राघोगढ़ (गुना) में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष बने।
  • फिर 1970 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली।
  • हालांकि दिग्विजय सिंह के पिता बालभद्र सिंह भारतीय जनसंघ पार्टी से जुड़े थे, फिर भी वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए।
  • 1977 में दिग्विजय सिंह पहली बार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बने और जीते भी।
  • पहली बार गुना जिले में राघोगढ़ से विधायक चुने गए।
  • 1984 में लोकसभा चुनाव के दौरान राघोगढ़ के ही सांसद चुने गए।
  • सांसद बनने के बाद पार्टी ने उन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष बनाया।
  • 1985 से लेकर 1988 तक इस पद पर दिग्विजय सिंह लगातार कार्य करते रहे।
  • 1993 में जब जीत हासिल की तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने का मौका भी उन्हें मिला।
  • अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में दिग्विजय को अच्छे काम के चलते जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया।
  • 1998 में फिर से जीत हासिल करके वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
  • 2003 तक सीएम बने रहने के बाद दिग्विजय सिंह अगले चुनाव में हार गए।
  • और फिर अगले 10 साल तक उन्होंने कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ा।
  • हालांकि बाद में वापसी करते हुए पार्टी ने उन्हें 2013 में राष्ट्रीय महासचिव बनाया।
  • 2024 लोक सभा चुनावों में एक बार फिर राजगढ़ लोक सभा सीट से चुनावी मैदान में थे।
  • लेकिन इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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