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‘कलेक्टर अंकल, इन गायों को गौशाला पहुंचा दो’, दुर्दशा देख बच्चे ने बनाया भावुक वीडियो

mp news: बदहाल गोवंश और गायों के कंकाल देख 5 साल के बच्चे ने बनाया वीडियो और कलेक्टर से की मांग।

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rajgarh

5 year old boy appeals collector save cows video viral

mp news: हेलो दोस्तों, हम चाटूखेड़ा से आ रहे थे तो हमको बहुत सारी गाय दिखी और आधी गाय तो कंकाल बन गईं, आधी मर गईं और उनको पक्षी खा रहे थे। उनके खाने का कुछ भी नहीं था, पीने का भी कुछ नहीं था और उनका घर भी नहीं था। मैंने मम्मा से पूछा उनका घर नहीं होता तो मम्मा ने बोला- गौशाला उनका घर होता है। तो मैंने मम्मा से पूछा इनको गौशाला कौन भेजेगा? तो मम्मा ने बोला- कलेक्टर सर, तो कलेक्टर अंकल इन गायों को गौशाला पहुंचा दो ताकि तब ही सब गाय मरने से बच जाएंगी। ये भाव मध्यप्रदेश के राजगढ़ के एक पांच साल के बच्चे मनी ठाकुर के हैं। मनी ठाकुर ने गायों की दुर्दशा देखकर एक वीडियो बनाया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

देखें वीडियो-

गायों की दुर्दशा देख बच्चे ने बनाया वीडियो

पांच साल के मनी ठाकुर ने करीब डेढ़ मिनट का एक वीडियो बनाया है जिसमें उसने खुले मैदान में गायों की दुर्दशा को दिखाते हुए सवाल उठाए हैं। वीडियो में चाटूखेड़ा-राजगढ़ मार्ग पर कालीतलाई गांव के पास में मौजूद गोवंश की दयनीय स्थिति साफ दिख रही है। कई गायें बेहद कमजोर नजर आ रही हैं तो कुछ बीमार दिख रही हैं। इतना ही नहीं कुछ जगह मृत गोवंश के अवशेष खुले में पड़े भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के जरिए पांच साल के मनी ठाकुर ने गायों के प्रति अपनी भावनाएं बताते हुए कलेक्टर से मांग की है कि कलेक्टर अंकल इन गायों को गौशाला भेज दीजिए जिससे इनकी जान बच जाए।

न चारा मिल रहा, न पानी

क्षेत्रवासियों का कहना है कि पशुओं को पर्याप्त चारा और देखभाल नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उनकी स्थिति लगातार बिगड़ रही है। मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है, बावजूद इसके व्यवस्थाओं में सुधार नहीं दिख रहा। स्थानीय नागरिकों ने गोवंश की सुरक्षा और देखभाल को लेकर जिम्मेदार विभागों की सक्रियता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में गोवंश संरक्षण के लिए योजनाएं और कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव अपेक्षित रूप से दिखाई नहीं दे रहा। नागरिकों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर चारे, पानी और आश्रय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गोवंश को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।