कर्मचारी कर रहे विरोध, यहां प्रबंधन नीति आयोग की रिपोर्ट को सुधारने के लिए बता रहा उठाया महत्वपूर्ण कदम
राजगढ़. सालों से जिला चिकित्सालय में सेवाएं देने वाली एएनएम को एक आदेश के तहत अब गांवों में सेवाएं देनी होगी। एकाएक जारी हुए इस आदेश के बाद जिला चिकित्सालय में विरोध के स्वर गूंज रहे है। जहां स्थानांतरित एएनएम का कहना है कि हम सालों से यही पर काम कर रहे है।
हमें हटाते हुए नए स्टाफ को जिला चिकित्सालय में लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था से पूरा परिवार प्रभावित होगा। ऐसे में इस आदेश को लेकर प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को सोचना होगा।
नीति आयोग की रिपोर्ट में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पिछड़ी बताई जा रही है। इनमें टीकाकरण का मुद्दा भी प्रमुख माना जा रहा है। हालात यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण जैसा काम बहुत कमजोर है। इस व्यवस्था के सुधार के लिए राजगढ़ में तैनात एएनएम स्टाफ को स्वास्थ्य आयक्त भोपाल के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्र में तबादले किए गए।
कैसे जाएंगे सारंगपुर या माचलपुर
इस सूची में शामिल कुछ एएनएम काफी पुरानी है और उन्हें दो से पांच साल रिटायर्डमेंट के बचे है। उनके भी नाम इस सूची में शामिल है।
ऐसे में बुजुर्ग एएनएम ग्रामीण क्षेत्र में कैसे सेवा दे पाएंगे और पूरे समय तक जो जिला अस्पताल या फिर खिलचीपुर, ब्यावरा जैसे अस्पतालों में काम कर रही थी वे गांव में जाकर टीकाकरण का काम कैसे करा पाएगी।
सासंद से भी मिलकर रखी अपनी बात
आदेश जारी होने के साथ ही सभी एएनएम सासंद रोडमल नागर से जाकर मिली और अपनी परेशानियां बताई। यहां सांसद ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन यह बात एक सप्ताह पुरानी है। उसके बाद यह आदेश जारी हो गए।
मिशन इंद्रधनुष और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के सफल संचालन के लिए शासन के आदेश के बाद यह व्यवस्था की गई है। ताकि परिणाम अच्छे आ सके।
आरसी बंशीवाल, सीएमएचओ राजगढ़