कई विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों के पूर्व रिकार्ड नहीं मिल पान के कारण अंतिम तिथि तक कई अतिथि शिक्षक अपने द्वारा किए काम के प्रमाणपत्र से वंछित रह गए।
राजगढ़. पिछले करीब दस साल से शासकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों के नियमितिकरण की प्रक्रिया विचारधाीन है। आगामी समय में होने वाले नियमित शिक्षकों की भर्ती में भी अतिथि शिक्षको को विशेष अंक देने की व्यवस्था है। जिसके तहत प्रथम चरण में शासन द्वारा शासकीय विद्यालयों मेें वर्ग एक में अतिथि शिक्षक के रूप में काम कर चुके शिक्षकों के ऑनलाइन अनुभव प्रमाणपत्र तैयार करवाए जा रहे है। इसके लिए ३१ दिसंबर को अंतिम तिथि थी।
यह प्रमाणपत्र अतिथि शिक्षकों को उन विद्यालयों से मिलना था। जहां अतिथि शिक्षकों ने पूर्व में अपनी सेवाएं दी है। लेकिन कई विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों के पूर्व रिकार्ड नहीं मिल पान के कारण अंतिम तिथि तक कई अतिथि शिक्षक अपने द्वारा किए काम के प्रमाणपत्र से वंछित रह गए। दरअसल विद्यालयों से ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत मिलने वाले इस प्रमाणपत्र में अतिथि शिक्षकों द्वारा पूर्व के सत्र में विद्यालय में काम किए गए दिनों की माहवार संख्या, उस समय शिक्षकों को मिला भुगतान, बिल ओर वेंडर के क्रंमाक का उल्लेख होना था।
लेकिन जिले के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों को किए गए भुगतान के बिलों की जानकारी तो दूर उनके द्वारा किए गए काम के दिनों की संख्या ही उपलब्ध नहीं हो पाई। जबकि कई अतिथि शिक्षकों को इस प्रक्रिया और अंतिम तिथि की जानकारी ही नहीं थी। ऐसे में वे अपने प्रमाणपत्र के लिए स्कूलों में जा रही नहीं सके। यही कारण है कि अब अनुभव प्रमाणपत्र से वंछित अतिथि शिक्षकों द्वारा अंतिम तिथि बढाने की मांग की जा रही है।
प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। अधिकांश अतिथियों ने अपने प्रमाण पत्र तैयार करवा लिए है। यदि कहीं रिकार्ड नहंीं मिल पाने की समस्या आई है तो उसे दिखवाते है। ऐसे अतिििथयों को ऑफ लाइन प्रमाणपत्र उपलब्ध करवाएगें।
बीएस बिसोरिया जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़