राजगढ़

शिविर के दिन ही रख ली भोपाल में बैठक, सुविधाओं की दिखी कमी

ऑपरेशन शुरू हुए तो वहां जिन बिस्तर पर हितग्राही को भर्ती किया जा रहा था उन पर चादर तक नहीं थे
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Updated: 28 Nov 2019, 12:46 PM IST
Had a meeting in Bhopal only on the day of camp
Had a meeting in Bhopal only on the day of camp

राजगढ़. शासन द्वारा जनसंख्या नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों के तहत इस समय नसबंदी शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिसको लेकर खासा प्रचार प्रसार भी हो रहा है। बुधवार को राजगढ़ में जिस समय नसबंदी शिविर का आयोजन किया जा रहा था। उसी दिन बीएमओ से लेकर बीपीएम और बीसीएम की भोपाल में बैठक आयोजित कर ली गई। जिसको लेकर यहां कोई भी विशेष जिम्मेदार शिविर में नहीं था और व्यवस्थाएं एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के भरोसे थी।

यही कारण है कि शाम के समय जब ऑपरेशन शुरू हुए तो वहां जिन बिस्तर पर हितग्राही को भर्ती किया जा रहा था उन पर चादर तक नहीं थे। जिससे संक्रमण का खतरा हो सकता था। हालांकि पत्रिका टीम के पहुंचने के बाद जब भोपाल मीटिंग में मौजूद बीएमओ को इस संबंध में जानकारी दी गई तो उन्होंने तुरंत वहां सुधार शुरू कराए और सभी गंदे गद्दे हटवाते हुए सभी पर चादर बिछवाया।


125 हितग्राही पहुंचे
शिविर को लेकर ग्रामीण अंचल में खासा प्रचारकिया गया, जिसको लेकर एक ही दिन में 125 महिलाएं टीटी ऑपरेशन के लिए परिजनों व आशा कार्यकर्ताओं के साथ राजगढ़ पहुंचीं। हालांकि इस सीजन की यह किसी शिविर की सबसे बड़ी संख्या थी। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने भी पूरी तैयारियां नहीं की थी, लेकिन जब संख्या का पता लगा तो तुरंत मैं यह व्यवस्थाएं की गईं।

जिला चिकित्सालय के कर्मचारी नदारद
यह शिविर जिला चिकित्सालय में लगाया गया था, लेकिन यहां शुरुआती समय में जिला चिकित्सालय के कर्मचारी नदारद थे। ऐसे में ऑपरेशन की शुरुआत में कुछ समय लगा, लेकिन सात बजे तक सभी ऑपरेशन पूरे कर दिए गए।

भोपाल में एक अनिवार्य बैठक में हम लोग आए थे। वहां व्यवस्था के लिए कर्मचरियों को छोड़ा है। हम भी शीघ्र ही पहुंच रहे है। हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
राजीव हरिऔध, बीएमओ खुजनेर

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