
राजगढ़/ब्यावरा(पत्रिका टीम). बारिश सर पर है, लेकिन अभी भी यदि नगरीय निकायों की तैयारियों की बात करंे तो यह सब विफल नजर आती है। कई जगह नालिया चौक पड़ी है, और नालों की भी सफाई नहीं हुई है। जो भविष्य में परेशानी का कारण बनेगी। ऐसा नहीं है, यह हालत किसी एक निकाय की है। बात ब्यावरा की करंे या तो राजगढ़ और नरसिंहगढ़ सभी जगह एक जैसे हालत है। ज्यादा परेशानी खुजनेर, तलेन और बोड़ा जैसे शहरों में आती है, जहां बारिश में नदियों या नालों का पानी शहर की निचली बस्तियों में भर जाता है। और पानी को निकालने के प्रबंध भी नहीं होते।
ब्यावरा : शहर के बीचों-बीच निकले नाले में जमा है तीन फीट मलबा
हर बार बारिश में आफत बनने वाले शहर के नाले की सफाई तीन साल से नहीं हो पाई है। अभी भी उसमें करीब तीन-तीन फीट का मलबा जमा हुआ है। गंदे नाले सा स्वरूप ले चुकी अजनार नदी में यही गंदा नाला मिलता है।
शुरुआती बारिश में ही इसका गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंचता है, इससे न सिर्फ लोगों को परेशानी होती है बल्कि वहां से निकल पाना भी मुश्किल होता है। बीते तीन साल से एक बार भी गंदे नाले का मलबा नहीं निकाला गया। उल्टा लोग इसमें खुले में शौच तक करते हैं, जिस पर नगर पालिका प्रशासन का कोई प्रतिबंध नहीं है। गंदे नाले से काछी मोहल्ला, मातामंड, मोमन मोहल्ला, शीतला माता मंदिर , इंदौर नाका, गुर्जर गौढ़ धर्मशाला सहित जगात चौक में गंदा पानीभर जाता है।
पहले कभी इस नाले की सफाईहुआ करती थी, लेकिन तीन साल से नपा ने ध्यान नहीं दिया इससे करीब तीन फीट मलबा धंसा है जो पहली बारिश में ही आफत बनेगा।
-युनूस मोहम्मद, नेता प्रतिपक्ष और पार्षद, नपा, ब्यावरा
मानसून से पूर्व होने वाली सफाई हमने शुरू करवा दी है। कुछधंसी हुई नालियों का मलबा भी निकाला है। जहां तक गंदे नाले की बात है तो उसके लिएभी व्यवस्था करवा रहे हैं।
-इकरार अहमद, सीएमओ, नपा, ब्यावरा
राजगढ़ : बस स्टैंड पर भरता है गंदा पानी
खरला नाले में पानी आता है तो नदी का बहाव बढ़ता है, तो इसका पानी सीधा पुराने बस स्टैंड में भरने लगता है, वहीं उस जगह बाजार में ऐसी है जहां नाली चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता है। इसके कारण लोगों को चलने में परेशानी होती है। पहली बारिश में ही यह परेशानी बढऩे लगती है। वहीं, नालों में तेजी से बढ़ रहे अतिक्रमण पर भी रोक नहीं लगने से कई मकानों में पानीभर जाता है। जबकि हाइवे के निर्माण के दौरान बनाई गई सड़कों के दोनों ओर बनाई गई नालियां भी टूटी पड़ी हैं, जो बारिश के दिनों में भर जाने के बाद आफत बनेंगी।
तलेन : पहली बारिश में होगी दिक्कत
सीजन की पहली बारिश ही नगरवासियों के लिए आफत बनकर आएगी। नगर की जल निकासी नहीं होने से शुजालपुर रोड, हाई स्कूल, कन्याशाला, सारंगपुर रोड, मेला ग्राउंड नाका, गांधी चौक बाजार में अधिक बारिश होने पर नदी में आने के बाद नगर में पानी भर जाता है। बता दें कि नगर के मेवाती मोहल्ला वार्ड-आठ वाले नाली, इकलेरा रोड की नाली पूर्णता चोक हो चुकी है। इसकी बदबू से लोग परेशान हैं जैसे ही बारिश होगी वही गंदा पानी नालों में घूसेगा। थाना तहसील के सामने वाला नालियां गंदगी से धंसी है, यही हाल अन्य वार्डों के हैं।
मैंने निर्देश दिए हैं सफाई अभियान चल रहा है। हमने वार्ड-14 की नाले की सफाई की है। रविवार को अवकाश है, सोमवार से विधिवत अभियान चलेगा।
-अशोक कटिहार, सीएमओ, नगर परिषद तलेन
नरसिंहगढ़ : नाले-नालियों पर अतिक्रमण
नाले-नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण की से बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो जाते हैं। कुछ सालों में शहर के सभी प्रमुख नालों के आस-पास अतिक्रमण बढ़ा है। इससे बारिश में नालों का पानी सड़क पर बहता रहता है। राम कुंड में थोड़ी ही बारिश में पानी सड़कों पर आ जाता है। पहाड़ी क्षेत्र के नालों की सफाई नहीं होने से बारिश के दिनों में महीनों तक सड़क पर भरा रहता है। इसके अलावा फुलबाग, चंपी, लेन मोहल्ला, उदावत गंज में भी नाले उफान पर आने के दौरान बारिश का पानी घरों में घुसता है। वर्तमान में वाल्मिकी मोहल्ले में भी नए सिरे से नाला निर्माण की जरूरत है। नाले किनारे मौजूद लोगों को हर बारिश में परेशानी होती है।
उदनखेड़ी : सड़क के दोनों तरफ मकानों में घुसेगा पानी
नेशनल हाईवे क्रमांक-तीन पर फोरलेन निर्माण चल रहा है, जिसके चलते आने वाले बारिश के दिनों में रोड के दोनों तरफ बने मकानों में पानी घुसेगा। जिससे ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। निर्माण एजेंसी द्वारा दोनों तरफ कोई भी नाली का निर्माण अभी तक नहीं किया है न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है