राजगढ़

ई-टेंडरिंग घोटले की तर्ज पर शिक्षा विभाग के पोर्टल पर गलत जानकारी देकर बेरोजगारों से खिलवाड़

पोर्टल पर गलत जानकारी होने से अतिथि शिक्षकों के नहीं भर पा रहे आवेदन, मामले में प्रधानमंत्री से की शिकायत

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Jul 28, 2018
ई-टेंडरिंग घोटले की तर्ज पर शिक्षा विभाग के पोर्टल पर गलत जानकारी देकर बेरोजगारों से खिलवाड़

राजगढ़. शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर शिक्षकों की पूर्ति के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। इसके लिए एजुकेशन पोर्टल पर रिक्त पदों की जानकारी दी गई है। लेकिन कई जगह गलत जानकारी डालकर आवेदकों को गुमराह किया जा रहा है। ताकि बाद में अपने चहेतों को अतिथि बनाया जा सके। यही नहीं विभाग के पोर्टल पर भर्ती प्रक्रिया के दिशा निर्देश भी नहीं खुल रहे है। मामले में समाजसेवी डॉ.राहुल विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री को शिकायत दर्ज कराते हुए बेरोजगारों से हो रहे खिलवाड़ की जांच कराने की मांग की है। जिले में लगभग दो हजार अतिथि शिक्षकों को नियुक्त किया जाना है। इसके लिए प्राइमरी से लेकर हायर सेकंडरी तक के स्कूलों की जानकारी डाली गई है। लेकिन कुछ जगह गलत जानकारी डालकर ऐसे शिक्षकों की कमी बताई गई है जो विषय भी वहां नहीं है। जिसके बाद ऑनलाइन आवेदन संबंधित स्कूल के लिए हो ही नहीं पा रहे है।

कुछ स्कूलों की जानकारी-

-किला अमरगढ़ हायरसेकंडरी स्कूल में कामर्स का पद रिक्त बताया है। जबकि यह विषय यहां है ही नहीं।

-कन्या स्कूल खुजनेर में विज्ञान विषय के दो पद रिक्त है। जबकि यहां पहले से ही दो शिक्षक कार्यरत है।

-कन्या खुजनेर में ही इतिहास का पद रिक्त बताया जा रहा है। उक्त पद यहां स्वीकृत नहीं है।

-एमएस गागाहोनी में संस्कृत का एक पद पोर्टल पर बताया जा रहा है। जबकि वहां दो पद रिक्त है।

-जीएमएस गिंदोरहाट में संस्कृत के दो पद पोर्टल पर बताए जा रहे है। जबकि यहां सिर्फ एक ही पद है जो भरा है।

-गिंदोरहाट में दो पद सामाजिक विज्ञान रिक्त बताए जा रहे है। जबकि ऐसा है ही नहीं दोनों पद भरे हुए है।

-गिंदोर मीणा में गणित का एक पद रिक्त बताया जा रहा है। जबकि यहां दो पद रिक्त है।

-मावि लोधीपुरा में सामाजिक विज्ञान का पद रिक्त है। लेकिन पोर्टल में कोई भी पद रिक्त नहीं दिखाया गया।

अधिकांश जानकारियां गलत-
एजुकेशन पोर्टल पर हर दिन अपडेट जानकारियां दी जाती है। लेकिन यहां अधिकांश जानकारियां गलत दर्ज है। चाहे फिर वे कर्मचारियों की स्थिति हो या फिर स्कूल, शिक्षक आदि की हो। कई दिनों बाद उनमें संशोधन नजर आते है। अभी भी कई स्कूलों में बच्चों की संख्या का निर्धारण सही नहीं है।

यह सीधा-सीधा बेरोजगारों से धोखा है और कुछ लोग अपने चहेतो का लगाने के लिए इस तरह का कृत्य कर रहे है। मैंने शिकायत की है। पहले शिक्षा विभाग को भी अवगत कराया। लेकिन सुधार नहीं हुआ तो आगे जाना पड़ा।
राहुल विजयवर्गीय, समाजसेवी राजगढ़

Published on:
28 Jul 2018 10:38 am
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