
राजगढ़। हमारे समाज में हमेशा में महिलाओं को दोयम दर्जा दिया गया। जिससे उन्हें कभी खुद को साबित करने का मौका ही नहीं मिला। महिलाओं की क्या क्षमता क्या है। वे क्या कर सकती हैं। इस बात पर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राजगढ़ में महिला आजीविका दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
महिलओं को स्वावलंबी बनाना हमारा उदेश्य
कार्यक्रम के प्रभारी ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य सिर्फ इतना है कि महिलाएं स्वावलंबी बन सकें। महिलाएं खुद कमाकर अपना और अपने परिवार को पाल सकें। ताकि उन्हें किसी के आगे रोना न पढ़े। महिलओं को किसी के सामने हाथ न फैलाना पढ़े।
महिलाओं को दिया गया ज्ञान
महिला आजीविका दिवस के अवसर पर महिलाओं को आजीविका के संबंध में ज्ञान दिया। उन्हें बताया गया कि वे किस तरह छोटे छोटे काम करके आजीविका प्राप्त कर सकती हैं। महिलाएं घर बैठ कर सिलाई, कढ़ाई, बुनाई आदि भी कर सकती है। कार्यक्रम में बताया कि महिलाएं अपनी दिनचर्या से पांच घंटे तो काम के लिए निकाल ही सकती है। जिससे वे और उनका परिवार बेहतर जिंदगी जी सकते हैं।
पुरूषों को भी बताया दोहरी कमाई का असर
कार्यक्रम में सिर्फ महिलाओं को ही नहीं पुरूषों को भी ज्ञान दिया गया। उन्हें बताया गया कि कई पुरूष रूढ़िवादिता के चलते घर की औरतों को काम नहीं करने देते। ऐसे में जरूरी है कि अपनी सोच का दायरा आगे बढ़ाएं और अपनी औरतों को घर से बाहर निकलने का मौका दें। जिससे घर में बेहतर आमदनी हो सकें और आप दोनों मिलकर एक सुखी जीवन जी सकें।
बच्चों की पढ़ाई को दें महत्व
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारियों ने बच्चों की पढ़ाई को भी महत्व देने को कहा। कार्यक्रम अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों को आज पढ़ने दें तो उनका कल बेहतर होगा। ध्यान रहे कि उनकी पढ़ाई पर असर न होने दें। उन्हें और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।