जीरापुर की दोबड़ा पंचायत के झिरी गांव का मामला
राजगढ़/खिलचीपुर. गर्मी आते ही गांव के लोग पानी के लिए परेशान होने लगते है, लेकिन कुछ गांव ऐसे भी है। जिनमें पानी को लाने ले जाने की समस्या के साथ ही सामाजिक व्यवस्थाएं भी बिगडऩे लगती है। इन्हीं में से एक गांव जीरापुर जनपद की दोबड़ा पंचायत के तहत आता है। जिसमें पानी की कमी के कारण लोग अपनी बेटियों की शादी करने से घबराते है। यही कारण है कि इस गांव में कुंवारों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
फिलहाल यहां २० से २५ युवा ऐसे है जो सामाजिक स्तर पर शादी की उम्र पूरी कर चुके है, लेकिन उनके लिए लड़की नहीं मिल रही। झिरी गांव के लोग बताते है कि कई बार पानी को लेकर जनप्रतिनिधि हो या फिर अधिकारी सभी को अपनी समस्या बता चुके है, लेकिन हल नहीं निकल रहा। गर्मी आने के साथ ही दूर-दूर पानी के लिए बच्चे हो या बुजुर्ग सभी परेशान होते है। छोटे बच्चे तो पानी के कारण स्कूल भी नहीं जा पाते। दिनभर पानी लाने ले जाने का काम करते रहते है। इस पंचायत में करीब दस कुएं है,लेकिन झिरी गांव में बने कुएं में पानी नहीं रहता।
कहां है झिरी गांव
खिलचीपुर से करीब आठ से दस किमी दूर जीरापुर जनपद की दोबड़ा पंचायत में झिरी गांव आता है। करीब ३०० लोग इस गांव में निवास करते है। जो लगातार पानी की कमी से जूझ रहे है। जनवरी माह में यहां एक डैम का काम शुरू हुआ है, लेकिन इसे तैयार होने में काफी समय लगेगा।
गांव का जलस्तर और वॉटर लेबल नपवाते है। कोशिश करेंगे कि पाइप लाइन बढ़ाकर वहां पानी पहुंचाने का प्रयास करेंगे। वहीं इस बार पानी भी कम गिरा है। इस वजह से समस्या है। शादी के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
जेके कीमती, प्रभारी सहायक यंत्री पीएचई जीरापुर
पानी नहीं हाने के कारण लोग अपनी बेटियां हमारे गावं में नहीं देते। जिसके कारण कुंवारों की संख्या बढ़ रही है। लोग शादी नहीं करते।
प्रेमसिंह, ग्रामीण दोबड़ा
गर्मी आते ही गांव के लोग पानी की तलाश में भटकते रहते है। लोग इसलिए यहां लड़की नहीं देते कि उनकी लड़की भी पानी के लिए गर्मियों में परेशान होगी।
बल्लभबाई, ग्रामीण महिला