तीन विधानसभाओं में नामांकन वापसी के बाद बदले समीकरण.....
राजगढ़। विधानसभा चुनाव में नामांकन भरने के बाद नाम वापसी के अंतिम दिन पूर्व जनपद अध्यक्ष और भाजपा नेता रमाकांत तिवारी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। फार्म खींचने के बाद तिवारी ने कहा कि उन पर प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों ने दवाब बनाया, इसके बाद उन्होंने नामांकन वापस लिया। यहीं नहीं उन्होंने नामांकन वापसी के साथ भाजपा से इस्तीफा देने की भी चेतावनी दी है।
दोनों के लिए बड़ी चुनौती बने ये नेता....
वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रताप मंडलोई जो कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए थे। उन्होंने अपना नामांकन वापस नहीं लिया और अभी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में राजगढ़ का मुकाबला त्रिकोणी हो गया है। जबकि ब्यावरा में भी मोतीलाल लोधा जो कि निर्दलीय मैदान में हैं। उनके मतों पर भी ब्यावरा का चुनाव खासा निर्भर रहेगा।
इनके इनके बीच मुकाबला....
लोधा समाज पहले भाजपा का वोट बैंक रहा है, लेकिन इस बार समाज के मोतीलाल मैदान में हैं। यही हाल नरसिंहगढ़ का है, जहां पचोर नपं के अध्यक्ष प्रतिनिधि पंकज यादव के चुनाव मेें होने से कांग्रेस के मतों पर असर पड़ेगा। यादव पूर्व में युकां जिलाध्यक्ष रह चुके हैंं। जबकि खिलचीपुर और सारंगपुर में मुकाबला लगभग कांग्रेस और भाजपा के बीच माना जा रहा है।
अब 48 प्रत्याशी मैदान में....
जिले में राजगढ़ सहित ब्यावरा, सांरगपुर, नरसिंहगढ़ और खिलचीपुर पांच विधानसभा में जहां पांचों विधानसभा में अब 48 प्रत्याशी मैदान में रह गए है। इससे पहले 71 लोगों ने नामांकन जमा किए थे। इनमें से कुछ निरस्त और कुछ के दो नांमाकन होने से स्कूटनी के बाद 54 लोग मैदान में थे। इनमें से भी ब्यावरा विधानसभा से एक अभ्यार्थी ने अपना नामांकन मंगलवार को वापस लिया था।
बुधवार को ब्यावरा से कुनाल व्यास, राजेन्द्र रघुनाथ, फूल सिंह लववंशी, जबकि राजगढ़ से रमाकांत तिवारी और सारंगपुर से नीरज सिसोदिया ने अपना नामांकन वापस लिया है।