राजगढ़

MP में ‘भगवान’ भी बेचेंगे गेहूं! सरकारी पंजीयन में सामने आया बड़ा ‘खेल’

MP news: मध्य प्रदेश में सरकारी खरीदी में धांधली करने और उसके नाम पर गाढ़ी कमाई करने के लिए फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिसमें नियमों को ताक में रखकर मनमर्जी के पंजीयन हो रहे हैं।

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Apr 09, 2026
Major Irregularities Exposed in Government Registration Process (फोटो- AI)

(रिपोर्ट- राजेश विश्वकर्मा, राजगढ़)

MP news: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सरकारी पंजीयन के नाम पर बड़ा 'खेल' चल रहा है। बंजर जमीन को उपजाऊ बताकर पंजीयन करवाने के बाद अब 'भगवान' का भी पंजीयन राजगढ़ में हो गया। यानी भगवान अब किसान बनकर अपनी उपज बेचेंगे। जिले के कटारियाखेड़ी गांव के मंदिर की जमीन का पंजीयन माल्याहेड़ी के किसान ने करवा लिया। दरअसल, सरकारी खरीदी में धांधली करने और उसके नाम पर गाढ़ी कमाई करने के लिए फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिसमें नियमों को ताक में रखकर मनमर्जी के पंजीयन हो रहे हैं। शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बीच यह हो रहा है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हम ऐसे खसरे और ऐसे पंजीयनों की जांच कर रहे हैं। उनमें तत्काल कड़ी कार्रवाई करेंगे। पिछले सालों में भी ऐसी गड़बड़ी होती रही है लेकिन पकड़ में नहीं आ पाई। अब प्रशासनिक स्तर पर पटवारियों के सत्यापन के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ में आई है।

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किसान ने कराया मंदिर की जमीन का पंजीयन

पत्रिका में मामला उजागर होने के बाद जिले से अलग-अलग प्रकरण सामने आ रहे हैं। जिसके तहत ब्यावरा डिविजन के माल्याहेड़ी गांव के एक किसान ने अपने पंजीयन के साथ ही अपनी ही किसान आईडी से प्राथमिक कृषि साख सहकारी संसअथा चाठा पंजीयन केंद्र से मंदिर की जमीन (सर्वे क्रमांक-205, 21 और 160) का पंजीयन भी खुद के नाम से कर लिया। संबंधित हल्का नंबर -6 के पटवारी के अनुसार यह फर्जी पंजीयन है,​ जिसे रद्द करवाया जा रहा है। इससे पहले राजगढ़ के किसान ने ब्यावरा, सुठालिया और राजगढ़ के विभिन्न किसानों की जमीन का पंजीयन करा लिया था, जिसमें से कुछ जमीन ऐसी भी थी, जिसमें फसल थी ही नहीं। जिसे पत्रिका ने प्रमुखता से उजागर किया था।

कलेक्टर ने जांच करवाई, ऐसे पंजीयन रद्द करने के निर्देश

त्रिका में मामला उजागर होने और लगातार पंजीयनों में गड़बड़ी सामने आने के बाद कलेक्टर ने ऐसे सभी फर्जी पंजीयन रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही तमाम पंजीयनों की जांच भी करवाई जाएगी। उन्होंने गुरुवार को ही खाद्य आपूर्ति विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की गई है कि त्रुटिवश सत्यापित हुए कुछ प्रकरणों में डेटा रिओपन कराया जाए। इसके लिए उक्त डेटा संबधित तहसीलदार की आईडी पर प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है। हालांकि गड़बडि़यों पर सीधी कार्रवाई फिलहाल नहीं हो पाई। बता दें कि संबंधित बिचोलिए और पंजीयन करवाने वाले फर्जी तरीके से दूसरों से कम रेट में गेहूं खरीदकर सरकारी खरीदी में तुलवा देते हैं। साथ ही वेयर हाउस वालों से मिलकर भी मोटी कमाई करने में लग जाते हैं, इसी से काफी मिलीभगत का अंदेशा है।

तहसीलदार को सौंपा है प्रकरण

संबंधित तहसीलदार को प्रकरण सौंप दिया गया है। जहां गड़बड़ पंजीयन हो रहे हैं, वहां की जांच करवाई जार ही है। साथ ही कुछ जगह जो त्रुटिवश पंजीयन हुए हैं, उन्हे फिर से खुलवाने के लिए लिखा है। -अजीत कुमार सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी, राजगढ़

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Updated on:
09 Apr 2026 04:23 pm
Published on:
09 Apr 2026 04:21 pm
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