मोहनपुरा डेम पर पहुंच वहां संचालित मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण की गतिविधियों की समीक्षा की।
राजगढ़. दो दिन जिले के दौरे पर आए प्रदेश के पशुपालन और मछुआ कल्याण मंत्री लाखन सिंह यादव ने अपने दौरे के दूसरे दिन राजगढ़ के मोहनपुरा डेम पर पहुंच वहां संचालित मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण की गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मोहनपुरा डेम में मत्स्य उद्योग में लगे मछुआरो से चर्चा करते हुए शासन द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मौजूद विधायक बापू सिंह तंवर ने मोहनपुरा डेम के निर्माण से डेम के आसपास के 55 गांवो के प्रभवित होने की जानकारी देते हुए इन गांवो के ग्रामीणो को मत्स्य उद्योग से जोडऩे की मांग की। जिस पर मंत्री यादव ने मत्स्य विभाग ओर अन्य प्रशानिक अधिकारियों को इन ग्रामीणों को मछुआ समिति में शामिल करते हुए उन्हें मत्स्याखेट से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डेम से इस साल 40 टन मछली का उत्पादन
समीक्षा के दौरन मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने मोहनपुरा डेम में मछली पालन के लिए 3500 हेक्टर के क्षेत्र में सात समितियों के काम करने की बात कही। बताया कि इन सात समितियों के माध्यम से डेम में 350 सदस्य मछली पालन में लगे है। इस वर्ष डेम से करीब 40 टन मछली का उत्पादन हुआ है। जिसके आगमी समय में और बढऩे की संभावना है।
चंबल क्षेत्र में लागू होगी मोहनपुरा की लिफ्ट वाटर टेक्रिक
मोहनपुरा डेम के निरीक्षण को बाद मंत्री यादव ने मोहनपुरा केनाल के लिफ्ट सिस्टम की जानकारी ली। जहां अधिकरियों ने इस पूरी प्रणाली को कम्प्यूटराइजड बताते हुए उसकी प्रक्रिया समझाई। जिस पर मंत्री इस प्रणाली से पानी की हर बूंद का उपयोग होने की बात करते हुए यह प्रणाली ग्वालियर चंबल संभाग के लिए सबसे उपयोगीय बताई। दरअसल उस क्षेत्र में अधिकांश खेत ऊंचाई पर स्थित जहां इस प्रणाली से आसानी से पानी पहुंचाया जा सकता है। मोहनपुरा डेम के निरीक्षण के बाद मंत्री यादव जालपा मंदिर पहुंचे और वहां पूजन अर्चन के बाद खिलचीपुर, सुसनेर की ओर निकल गए। इस दौरान पूर्व सांसद नारायण सिंह आमलाबे,