MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का मामला, जनसुनवाई में पहुंचे एक युवक को हर कोई पलट-पलट कर देख रहा था, उनके मन में भी यही विचार चल रहा होगा, कि वह कागजों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में क्या कर रहा है? पत्रिका ने जब पूछा सवाल तो मिला चौंकाने वाला जवाब... जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर
MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में एक युवक को हर कोई लगातार देखता नजर आया, कोई मुड़कर देख रहा था, तो कोई पलटकर, हर किसी का ध्यान उस पर था और मन में सवाल की आखिर वो कलेक्टर कार्यालय में कागजी माला पहनकर क्यों आया है? पत्रिका ने जब इस शख्स से इसका जवाब जानना चाहा, तो सुनकर हर कोई चौंक गया। ये महज कागज नहीं थे बल्कि 100 से ज्यादा शिकायतों का पुलिंदा था, जिसे वह माला बनाकर गले में पहन आया था। लेकिन उनमें से किसी भी शिकायत पर अब तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई और न ही किसी शिकायत पर किसी भी तरह का एक्शन लिया गया। शिकायतों की सुनवाई न होने का दर्द उसने इस तरह बयां किया है। उसकी बातों और चेहरे पर हताशा साफ तौर पर झलक रही थी
मामले में युवक तंवर लाल का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से अपनी समस्या को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। कभी तहसील कार्यालय, तो कभी जनपद… संबंधित विभाग तक जाकर अधिकारियों तक को आवेदन देकर शिकायत कर चुका है। लेकिन जब उसे कहीं से भी समाधान नहीं मिला, तो उसने शिकायती आवेदनों को एक धागे में पिरोकर माला बनाई और उसे पहनकर कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंच गया।
उसे कागजों की माला पहने देख जनसुनवाई में उपस्थित लोग चौंक गए। उनके मुंह पर एक ही सवाल था कि आखिर वो ऐसे क्यों आया है। हालांकि मध्य प्रदेश में जनसुनवाई में अनोखे विरोध प्रदर्शन की अलग-अलग तस्वीरें आए दिन सामने आती रहती हैं। अब इस नए मामले ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्यवाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां लोगों ने जब उसकी बात सुनी तो कई भावुक हो गए और कई लोगों ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए पूछा कि 'प्रशासन आखिर क्यों आम आदमी के साथ न्याय नहीं करता।'
मामले में युवक का कहना है कि जब उसे लगा कि उसकी शिकायतें महज कागजी टुकड़ा बनकर रह गई हैं, तो उसे यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। उसका कहना था कि 'मैं चाहता था कि ये शिकायतें में प्रशासन को दिखाऊं कि ये मेरे लिए बोझ बन चुकी हैं।'
युवक का कहना है कि उसकी शिकायतें स्थानीय स्तर पर हुए भ्रष्टाचार, लापरवाही और जिम्मेदारों की उदासीनता से जुड़ी हैं। उसने कई बार शिकायतें कीं, रसीदें कटवाईं, लेकिन हर बार उसकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया और आज तक उनका कोई जवाब तक नहीं आया।
जनसुनवाई में पहुंचे इस शख्स को देखकर वहां उपस्थित अधिकारी खुद हैरान रह गए। शिकायतों की माला ने बिना कुछ कहे ही उसकी शिकायतों की सारी कहानी कह दी।
यही नहीं युवक ने ये भी आग्रह किया कि उसकी शिकायतों को जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारी और कलेक्टर साहब गंभीरता से लें। इन्हें केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित न किया जाए।