जिलेभर में सख्ती जारी, एफआईआर दर्ज करवाने के बाद आवास भी रद्द होगा, वसूली भी होगी
ब्यावरा/राजगढ़। देश में नंबर वन पर आकर प्रधानमंत्री आवास में अव्वल रहा राजगढ़ जिला अब पिछड़ गया है। आवास निर्माण की रफ्तार में आई कमी के चलते अब देश में तीसरे स्थान पर जिला पहुंच गया है।
प्रथम स्थान पर उड़ीसा का मयूरभंज और सैकेंड पर सागर (मप्र) है। आगे रहकर अचानक पिछड़े जिले की रेंकिंग सुधारने के लिए जिलेभर के प्रशानिक अफसर जुटे हैं। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर फीडबैक लिए जा रहे हैं। कई सख्त कार्रवाई तक की जा रही है। कई ब्लॉक में तो विरोध करने या हरकत करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है। साथ ही तमाम तरह की जुगत जिपं सीईओ से लेकर जनपद के तमाम कर्मचारी कर रहे हैं, लेकिन फिर भी जिला तीसरे नंबर पर ही है।
एडी. सेक्रेटरी ने माना पिछड़े जिलों में राजगढ़
शासन की नीतिगत योजनाओं का फीडबैक लेने आए भारत सरकार के स्कील डवलपमेंट इंडिया के एडीशनल सेके्रट्री आरके चतुर्वेदी ने भी माना है कि देश के पिछड़े जिलों में राजगढ़ का नाम भी शामिल है। हालांकि इसमें तमाम तरह के काम का औसत निकालने का बाद रेंकिंग की गई है। वैसे चतुर्वेदी को जिले में एनआरएलएम का काम काफी पसंद आया और पीएम आवास का जायजा भी उन्होंने लिया। साथ ही जिले को अव्वल दर्जा दिलवाने के प्रयासों पर भी उन्होंने दिशा-निर्देश दिए।
...तो मिलेगा पांच लाख का इनाम
प्रधानमंत्री आवास बनवाने के लिए जिम्मेदार अफसरों को प्रेरित करने राज्य सरकार ने पुरुस्कार तय किए हैं। इनमें शत प्रतिशत आवास 30 माह तक बना लेने वाले जिलों को पांच लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।
इसके लिए सौ फीसदी लक्ष्य पूरा होना जरूरी है। इससे पहले तीन कैटेगिरी में यह इनाम था। इनमें पहले तीन ऐसे जिले जिनमें दो हजार मकान पूरे हों, एक तिहाई आवास जिले में पूरे हों और औसतन 6 7 फीसदी आवास बन गए हों। इन तीनों कैटेगिरी के लिए दो लाख रुपए का इनाम सुनिश्चित किया गया है।
फैक्ट फाइल
-देश में प्रथम मयूरभंज (उड़ीसा)।
-24, 343 आवास का लक्ष्यजिले में।
-15, 832 बन चुके हैं।
-यानी 68 फीसदी आवास बने।
-29 हजार आवास का लक्ष्य सागर में।
-16 ,032 अवासे सागर में बने।
(जिपं से प्राप्त जानकारी के अनुसार)
आवास पूरे होने पर संख्या के आधार पर रेंकिंग की जाती है जो कि पोर्टल पर अपलोड होती है। इसी आधार पर हमारी रेंकिंग भी हुई थी। हम अब लगातार प्रयास में जुटे हैं कि हर हाल में 30 दिसंबर को अपना लक्ष्य पूरा करें। इसके लिए हमने कई जगह सख्ती भी अपनाई है, तमाम सीईओ को निर्देश जारी किए हैं।
-प्रवीणसिंह, सीईओ, जिला पंचायत, राजगढ़