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‘तुम्हारा तो मैं डिमोशन कराऊंगा’,अस्सिटेंट इंजीनियर पर भड़के रेलवे के बड़े अधिकारी

Overbridge construction: अमृत भारत योजना के तहत ब्यावरा स्टेशन पर चल रहे 21 करोड़ के काम का निरीक्षण करने गुरुवार शाम को पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर आशुतोष सिंह ब्यावरा पहुंचे थे।

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Senior Railway Official Lashes Out at Assistant Engineer for foot overbridge construction Bioara mp news

Senior Railway Official Lashes Out at Assistant Engineer (फोटो- Patrika.com)

(रिपोर्ट- वीरेंद्र जोशी, ब्यावरा)

MP news: मध्य प्रदेश के ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर चल रहे फुटओवरब्रिज (Foot Overbridge construction) सहित अन्य निर्माण में लगातार देरी और लापरवाही सामने पर पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर आशुतोष सिंह ने सख्त नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान काम की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने मौके पर ही असिस्टेंट इंजीनियर एंड असिस्टेंट डिवीजन इंजीनियर (ए डी ई एन) अमर सिंह दांगी से कह दिया कि, आपने कभी यहांआकर काम देखा होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती? मास्टर प्लान में जो काम तय हैं, आप लोग वे तक नहीं करा पाए हैं? आपका तो मैं डिमोशन कराऊंगा। निरीक्षण के दौरान प्रधान मुख्य अभियंता का गुस्सा देखकर अधिकारियों के हाथ- पैर फूल गए।

मौके पर ही बदल दिया आईओडब्लू का कार्यालय

इस दौरान काम में देरी के लिए उन्होंने ब्यावरा के इंस्पेक्टर ऑफ वक्र्स (आई ओ डब्ल्यू) महेंद्र कुमार आर्या का मुख्यालय शाजापुर से बदलकर तत्काल ब्यावरा करने के निर्देश भोपाल मंडल के अधिकारियों को दिए। इसके लिए चीफ इंजीनियर (सीई) से कह दिया कि, मेरे ऑफिस पहुंचने के पहले इनका ऑर्डर निकालकर मुझे भेजें। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार को भी काम में तेजी लाने की सख्त चेतावनी दी। दरअसल अमृत भारत योजना में चयनित ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर तकरीबन 21 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प के तहत कई काम चल रहे हैं। इनका निरीक्षण करने जबलपुर जोन के पी सी ई सिंह गुरुवार शाम को करीब साढ़े 5 बजे अपनी परख स्टेशन ट्रेन से ब्यावरा स्टेशन पहुंचे थे।

जानकारी नहीं बता पाए अफसर, तब हुए नाराज

चीफ इंजीनियर ने स्टेशन पर हुए निर्माण कार्यों और वर्तमान में चल रहे फुटओवर ब्रिज का जायजा लिया। प्लेटफॉर्म नंबर एक और 3 पर तैयार पिलर्स पर रखे जाने वाले गर्डर (गर्डर) को लेकर उन्होंने ठेकेदार के इंजीनियर व साइट इंचार्ज से जानकारी ली। जब पूछा गया कि एक गर्डर मास्टर प्लान से छोटा क्यों किया गया है? इस पर ठेकेदार पक्ष स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इस पर वे नाराज हुए और ए डी ई एन दांगी से सवाल किया कि, क्या यह गर्डर आपकी देखरेख में तैयार हो रहे हैं? जवाब 'नहीं' मिलने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी।

शाजापुर से ब्यावरा इतनी दूर है क्या? आप निरीक्षण तक नहीं कर पाए? फुटओवर ब्रिज की प्रगति रिपोर्ट में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट पर हस्ताक्षर तो थे, लेकिन तारीख दर्ज नहीं थी। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद स्टेशन के बाहर लगी दीवार पर लगी टाइल्स पुरानी व क्षतिग्रस्त देखकर उस पर भी नाराजगी जाहिर की। शाम साढ़े 6 बजे वे सडक़ मार्ग से भोपाल के लिए रवाना हो गए। (MP news)