
Rajgarh News :मध्य प्रदेश के राजगढ़ शहर में कोतवाली थाना इलाके की एक लॉज में जुए का फड़ संचालित होने की सूचना पर मंगलवार शाम पुलिस ने दबिश दी। एसडीओपी भावना दांगी के निर्देशन में टीआई मंजू मखेनिया के नेतृत्व में 30 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सात लोगों को पकड़ा और उनके खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस की तलाशी में नकदी और ताश के पत्ते भी मिले है। कार्रवाई शुरू होते ही लॉज संचालक और वहां मौजूद लोगों ने तलाशी से पहले पुलिस से सर्च वारंट दिखाने की मांग की। पुलिस ने वारंट उपलब्ध कराया, जिसके बाद कमरों की तलाशी ली गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और लॉज संचालक के बीच तीखी बहस हुई। करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई के बाद सात लोगों को पकड़कर कोतवाली थाने ले जाया गया।
पुलिस कार्रवाई में महेश शर्मा (36), निवासी नागर मोहल्ला; पर्वत सोंधिया, निवासी लालपुरिया; अफजल खान (31), निवासी पीटी कंपनी; राहुल तंवर (24), निवासी तिलक मार्ग; अल्फेज उर्फ सोनू खान (30), निवासी पुराना बस स्टैंड; महेंद्र राठौर (42), निवासी पुरा मोहल्ला और अबरार खान (23), निवासी बाराद्वारी को पकड़ा गया।
पुलिस ने दबिश तो लॉज में दी, लेकिन कार्रवाई के दौरान बनी गहमागहमी और दबाव के बीच कार्रवाई का स्थान बदल दिया गया। कार्रवाई एक लॉज में हुई है, लेकिन कोतवाली टीआई ने स्थान दूध डेयरी के पीछे का होना बताया है। ऐसे में सवाल ये है कि, जिस जगह जुए का फड़ संचालित होने की सूचना पर 30 से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे थे, वहां तलाशी और जब्ती की पूरी कार्रवाई करने के बजाय स्थान बदलने की नौबत क्यों आई? क्या मौके पर मौजूद लोगों के दबाव के चलते पुलिस को कार्रवाई का स्थान बदलना पड़ा? सात लोगों पर जुआ एक्ट में केस दर्ज होना कार्रवाई का हिस्सा है, लेकिन स्थान बदलने के पीछे की वजह भी स्पष्ट होनी चाहिए।