राजगढ़

यह है अजीबोगरीब शख्सः जीभ से जीभ टकराता है, सांप भी काटने से डरता है

कभी जिंदगी से हारकर अपने आप को जहरीले सांप से कटवाना चाहता था यह शख्स

2 min read
Sep 27, 2021
यह है अजीबोगरीब शख्सः जीभ से जीभ टकराता है, सांप भी काटने से डरता है

राजगढ़। कभी जिंदगी से हारकर अपने आप को जहरीले सांप से कटवाना चाहता था यह शख्स। उस वक्त जब इसने अपने आप को खत्म करने के लिए जहरीले सांप को अपने हाथों में उठा लिया। वो बार-बार कोशिश करता रहा, लेकिन सांप ने उसे नहीं कांटा। यही वो दिन था जब इस शख्स की जिंदगी बदल गई।

हम बात कर रहे हैं राजगढ़ जिले के खिलचीपुर के कमल सिसौदिया की, जो 18 साल की उम्र में आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे। परिवार भी संकट में था। एक दिन कमल ने अपने आप को खत्म करने का फैसला कर लिया। उन्होंने एक डरते-डरते जहरीले सांप को पकड़ लिया और अपने आप को कटवाने लगे। इसके बाद वे कई जहरीले सांपों को पकड़ने लगे कि जिससे वे अपने आप को खत्म कर सके, लेकिन अब तक किसी सांप ने उन्हें नहीं कांटा। इस घटना के बाद कमल के दिलो-दिमाग से मौत का खौफ दूर हो गया। अब यह शख्स दिन-रात मौत से खेलने लगा। आज कमल सिसौदिया सर्प विशेषज्ञ के रूप में फेमस हैं।

कभी जवानी में अपनी जिंदगी खत्म करने की सोचने वाले कमल सिसौदिया अब सांपों से दूसरों की जिंदगी बचाने का काम करने लगे। क्षेत्र में सर्व विशेषज्ञ के रूप में फेमस होने के बाद कमल अब दूसरे लोगों की जिंदगी बचाने के काम में जुट गए। अब चाहे दिन हो या रात कमल को जैसे ही किसी के घऱ में सांप निकलने की सूचना मिलती है, वे अपनी परवाह किए बगैर दौड़ जाते हैं। बड़े से बड़े सांप को पलक झपकते ही पकड़ लेते हैं।

कमल बताते हैं कि गरीबी के चलते आठवी क्लास की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर सके। इसका हमेशा उन्हें मलाल रहता है। गांव वाले सांप को मारने के लिए बुलाते थे और सांप को पूंछ के जरिए उठाकर पटक देते थे। लेकिन अब सांपों को नहीं मारते वे उसे जंगल में छोड़ देते हैं। अब तक कमल सैकड़ों सांपों को पकड़कर जंगल में छोड़ चुके हैं। खास बात यह है कि कमल ने सांपों को पकड़ने की कोई ट्रेनिंग नहीं ली, लेकिन उन्हें देखकर अच्छे-अच्छे हुनरमंद लोग भी कमल का टेलेंट देख हैरान रह जाते हैं।

कमल बताते हैं कि अब तक वे 7 हजार से ज्यादा सांप और 14 हजार से ज्यादा गोयरे को पकड़ कर लोगों की जान बचा चुके हैं। 35 साल के कमल ने अब तक शादी नहीं की है, वे श्मशान में रहते हैं और वहां आने वाले शवों का अंतिम संस्कार भी करवाते हैं।

Updated on:
27 Sept 2021 02:13 pm
Published on:
27 Sept 2021 02:09 pm
Also Read
View All