बम्पर पैदावार के बावजूद पूरे सीजन में अधिकतम 20 हजार क्विंटल भी एक दिन में नहीं पहुंच पाई है।
ब्यावरा. जिले की सबसे बड़ी मंडियों में शामिल कृषि उपज मंडी समिति ब्यावरा में इन दिनों चुङ्क्षनदा उपज पहुंच रही है। बम्पर पैदावार के बावजूद पूरे सीजन में अधिकतम 20 हजार क्विंटल भी एक दिन में नहीं पहुंच पाई है। इससे न सिर्फ मंडी की ग्रेङ्क्षडग बिगड़ रही, बल्कि टैक्स का नुकसान भी मंडी प्रशासन को हो रहा है। दरअसल, मंडी में महीने में आधे दिन अवकाश रहता है। इसी कारण नीलामी कार्य नहीं हो पाता। लगातार मंडी बंद रहने से पूरा गणित रेवेन्यू का बिगड़ रहा है। इस बार बम्पर पैदावार के बावजूद भरपूर सीजन में भी अधिकतम 20 हजार क्विंटल उपज ही पहुंच पाई है, जबकि यहां 25 से 30 हजार क्विंटल तक की आवक किसी समय में रही है। मंडी में पांव रखने तक की जगह नहीं मिलती थी। बमुश्किल मंडी की ग्रेड सुधरी थी, लेकिन अब बी से भी नीचे जाने की स्थिति बन रही है।
मंडी में प्रति सप्ताह हाट बाजार के साथ ही कभी दूसरे रविवार तो कभी तीसरे शनिवार की छुट्टी रख दी जाती है। कभी हम्माल, व्यापारियों और ट्रक ऑपरेटरों के विवाद की छुट्टियां हो जाती हैं, जिन्हें लंबे समय तक खींच लिया जाता है और समझौता नहीं होने लगातार नीलामी प्रभावित होती जाती है। यानि कुल आंकड़ा निकाला जाए तो माह के आधे दिन इसी तरह निकल जाते हैं। इसके अलावा हर प्रकार के त्योहार पर छुट्टियां रहना लगभग तय है ही, जिससे मंडी में नीलामी कार्य का गणित पूरी तरह से बिगड़ गया है।
आज फिर मंडी बंद, आवक 3000 क्विंटल
अमावस्य होने के कारण शनिवार को फिर से मंडी प्रशासन ने छुट्टी घोषित की है। इस दिन कोई नीलामी कार्य नहीं किया जाएगा। साथ ही शुक्रवार को हुई नीलामी में महज 3000 क्टिंवल उपज की ही आवक हुई है। इससे अंदेशा लगाया जा सकता है कि किसी जमाने में ए-ग्रेड की कहलाने वाली मंडी में आवक के क्या हालात हैं। फिलहाल नीलामी कार्य एक दिन के लिए फिर बंद कर दिया गया है।
-जरूरी अवकाश, त्योहार, हाट बाजार पर छुट्टियां रखना जरूरी होता है। जब कोई काम ही नहीं करेगा तो नीलामी कैसे होगी? रही बात विवाद में समझाइश की तो हम तत्काल उन्हें समझा देते हैं और जल्द से जल्द मंडी शुरू करवाने का प्रयास हमारा रहता है।
-एलएन दांगी, प्रभारी सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, ब्यावरा
&पहले भी हमारे सामने ऐसी शिकायत आई है, हम उसकी जांच विधिवत गोपनीय तरीके से करवाएंगे। रही बात छुट्टियों की तो हम मंडी प्रबंधन से बात करेंगे। बेवजह छुट्टियां नहीं रहेंगी। प्रशासनिक टीम समय-समय पर पहुंंचकर इसका रिव्यू करेंगी।
-हर्ष दीक्षित, कलेक्टर, राजगढ़