
Rajgarh News :मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कुरावर में जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे समर्थक को एक पगड़ी पसंद आई। उसने पहनकर देखी, लेकिन जल्दबाजी में उसे वापस रखना भूल गया और पगड़ी पहने ही सोयाबीन की ट्रॉली बेचने मंडी पहुंच गया। तीन दिन बाद जब पगड़ी नहीं मिली तो पूर्व विधायक राजवर्धन सिंह ने कुरावर थाना प्रभारी को फोन कर दिया। रविवार को पुलिस समर्थक के घर पहुंची तो मामला चर्चा का विषय बन गया।
बता दें कि, मामला 8 अक्टूबर का है। बरखेड़ा डोर निवासी रघुवीर सिंह पिता मोरसिंह नरसिंहगढ़ स्थित पूर्व विधायक राजवर्धन सिंह के आवास पर उन्हें जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे थे। वहां सम्मान के लिए रखी पगड़ी उन्हें पसंद आई तो पहनकर देख ली। इसी दौरान नरसिंहगढ़ कृषि उपज मंडी में खड़ी सोयाबीन की ट्रॉली की नीलामी के लिए उन्हें जल्दी निकलना पड़ा। जल्दबाजी में वे पगड़ी वापस रखना भूल गए और उसे पहने हुए ही मंडी पहुंच गए। सोयाबीन बेचने के बाद गांव लौट गए। शाम को पगड़ी नहीं मिली तो पूर्व विधायक को वहां मौजूद लोगों ने बताया कि रघुवीर सिंह पगड़ी पहने हुए जाते दिखाई दिए थे। इसके बाद राजवर्धन सिंह ने कुरावर थाना प्रभारी जितेंद्र मवई को फोन कर पगड़ी वापस दिलाने के लिए कहा।
रविवार दोपहर पुलिस बरखेड़ा डोर स्थित रघुवीर सिंह के घर पहुंची, लेकिन वे नहीं मिले। पुलिस ने उनकी बेटी पिंकी बाना को पगड़ी के बारे में बताया और उसे लौटाने के लिए कहने को कहा। बेटी से सूचना मिलने पर रघुवीर सिंह पगड़ी लेकर नरसिंहगढ़ के लिए निकले, लेकिन रास्ते में इलेक्ट्रॉनिक बाइक की बैटरी डिस्चार्ज होने से गनियारी में रुक गए।
रघुवीर सिंह ने बताया कि, उन्हें पगड़ी अच्छी लगी थी, इसलिए कुछ देर पहनकर देखी। मंडी जाने की जल्दबाजी में उसे लौटाना भूल गए। घर पर पुलिस पहुंचने की जानकारी मिली तो उन्हें काफी बुरा लगा। उन्होंने पगड़ी वापस पहुंचाने की बात कही है। रघुवीर सिंह ने पूर्व विधायक से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 1985 में राजवर्धन सिंह के कांग्रेस से चुनाव जीतने पर उन्होंने खुशी में 10 हजार रुपए खर्च कर 100 लोगों को भोजन कराया था। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके कहने पर चार कार्यालयों में 20 हजार रुपए खर्च करने की बात भी कही।
पूर्व विधायक राजवर्धन सिंह ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि, जन्मदिन पर बरखेड़ा डोर निवासी रघुवीर सिंह बधाई देने आए थे। बिहार के राव साहब की ओर से सम्मान स्वरूप भेंट की गई पगड़ी वे अपने साथ ले गए। जानकारी मिलने पर उन्होंने थाना प्रभारी को फोन कर रघुवीर सिंह को समझाइश देने और पगड़ी वापस दिलाने के लिए कहा था।
इधर, थाना प्रभारी जितेंद्र मवई ने बताया कि, पूर्व विधायक का फोन आने पर पुलिस रविवार को रघुवीर सिंह के घर पहुंची थी। वे वहां नहीं मिले, इसलिए परिजन को समझाइश देकर पुलिस लौट आई।