
(राजगढ़ से राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट)
Woman Patwari caught taking bribe: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त टीम रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला राजगढ़ जिले से सामने आया है। यहां भ्रष्टाचार के खिलाफ भोपाल लोकायुक्त की टीम ने गुरूवार को एक बड़ी कार्रवाई (Bhopal Lokayukta Action) को अंजाम दिया।
भूमि नामांतरण की कार्रवाई के बदले सात हजार रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस, भोपाल संभाग ने गुरुवार को जीरापुर में ट्रैप कार्रवाई की। लोकायुक्त टीम ने पटवारी सीमा दांगी को सह-आरोपी के माध्यम से रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
लोकायुक्त के अनुसार ग्राम श्यामपुरा निवासी राम प्रसाद दांगी ने 13 अगस्त को भूमि नामांतरण के संबंध में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम खेजड़िया के हल्का नंबर-78 में स्थित खसरा नंबर 407/1 की भूमि के नामांतरण के लिए आवेदन किया था। आवेदन की प्रगति जानने के लिए संबंधित पटवारी से संपर्क करने पर नामांतरण की कार्रवाई के बदले सात हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में ट्रैप दल गठित किया गया और कार्रवाई की योजना बनाई।
लोकायुक्त टीम के अनुसार गुरुवार को सिरपोई कॉलोनी स्थित पटवारी के निजी कार्यालय में कार्रवाई की गई। लोकायुक्त के अनुसार पटवारी सीमा दांगी ने सह-आरोपी जमना प्रसाद उर्फ बबलू वर्मा के माध्यम से सात हजार रुपए की रिश्वत ली, तभी टीम ने दोनों को पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक रजनी तिवारी, जी.एस. मर्सकोले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल एवं आरक्षक मनमोहन साहू, रवि शर्मा, प्रसेनजीत, हेमेन्द्र पाल, हिम्मत सिंह एवं रक्षा परमार द्वारा की गई।
लोकायुक्त की भोपाल इकाई ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें।