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राजगढ़ के परिवार का दर्द, पहले नाबालिग बेटी को ढूंढने और अब उसके अंतिम संस्कार के लिए कर रहा संघर्ष

Family Struggles: सात दिन बाद जंगल में मिला था लापता नाबालिग का शव, 30 सितंबर से बेटी को ढूंढ रहा था परिवार, भोपाल में बुधवार को हुआ पोस्टमार्टम, गुरुवार को गृहग्राम में होगा अंतिम संस्कार।
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rajgarh family struggle

family struggles for minor daughter funeral, एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)

Rajgarh Family Struggles: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के मलावर के जंगल में 6 अक्टूबर को लापता नाबालिग का शव मिला, नाबालिग 30 सितंबर से लापता थी और उसी दिन से उसका परिवार बेटी को ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहा था। बेटी जा चुकी है लेकिन परिवार का संघर्ष अभी भी जारी है और दो दिन से परिवार नाबालिग बेटी के शव को लेकर अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहा है। बुधवार को भोपाल में हुए पोस्टमार्टम के बाद अब गुरुवार को गृहग्राम में नाबालिग का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

8 दिन से परिवार कर रहा संघर्ष

30 सितंबर से लापता हुई नाबालिग के परिजन की इन आठ दिनों में जमकर अग्निपरीक्षा हुई है। पहले दिन से वे संघर्ष करते रहे। पहले अपहरण की शिकायत और नामजद एफआइआर करवा देने के बावजूद दो से तीन दिन तक पुलिस थाने के चक्कर लगाते रहे। बाद में शव मिल गया तो ब्यावरा से उन्हें 6 अक्टूबर को शव वाहन मंगवाने में पसीने छूट गए, परेशान होते रहे। शव परीक्षण और पीएम के लिए उसे भोपाल भेजा गया तो वहां भी संघर्ष कम नहीं हुआ। अगले दिन यानी बुधवार को 11.30 बजे तक लंबा इंतजार करना पड़ा। काफी देर तक वे इंतजार करते रहे, तब जाकर पोस्टमार्टम हो पाया। ऐसे में शव मिलने के दूसरे दिन भी नाबालिग का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। परिजन ने बताया कि अब गुरुवार सुबह उसकी अंत्येष्टि होगी।

तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सह आरोपी

मंजू मखेनिया, टीआई, राजगढ़ ने बताया कि मामले में आरोपी मृत युवक की बुआ के बेटे को सह आरोपी बनाया है। नाबालिग और उक्त युवक लेकर यही युवक मलावर के जंगल में गया था। हम उससे अन्य पूछताछ भी कर रहे हैं। पूरी विस्तृत जानकारी पूछताछ के बाद ही पता चलेगी। फिलहाल तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है।

30 सितंबर से लापता थी नाबालिग

अभी तक जानकारी निकल कर सामने आई है उसके अनुसार नाबालिग 30 सितंबर को लापता हुई थी। उसी दिन पीथमपुर में काम करने वाला अनुराग उसके गांव पहुंचा था। नाबालिग बस से ब्यावरा पहुंची और फिर वहां से मलावर क्षेत्र में पहुंची थी। इसके बाद अनराग ने अपनी बुआ के बेटे अभिषेक से कहा कि वो उसे (नाबालिग) को लेकर आ रहा है। हमारे रुकने का इंतजाम कराओ, फिर तीनों बाइक से गए। अभिषेक ने उन्हें जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया। इसके कुछ समय बाद वह आया वापस आया और अनुराग से पूछा कि लड़की कहां है तो अनुराग ने कहा मैंने उसे मार दिया है। इसके बाद अनुराग जंगल से बाइक लेकर निकला और हड़बड़ी में टक्कर से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अभिषेक की निशानदेही पर ही जंगल से नाबालिग का शव बरामद किया था।