
राजगढ़ से राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट
Rajgarh ZEE Flix App Piracy Case: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के बावड़ीखेड़ा जैसे छोटे से गांव का 12वीं पास युवक प्रेमसिंह गुर्जर यू-ट्यूब पर कोडिंग के ट्यूटोरियल देखता रहा और इसी सीख को उसने ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदल दिया, जिस पर एक हजार से अधिक प्रीमियम चैनल और 50 से ज्यादा लाइव चैनल चल रहे थे। क्राइम ब्रांच इंदौर की जांच में सामने आए इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि युवक ने किसी बड़ी कंपनी या तकनीकी संस्थान से प्रशिक्षण नहीं लिया, बल्कि इंटरनेट से सीखी कोडिंग के आधार पर खुद प्लेटफॉर्म तैयार किया।
आरोपी प्रेमसिंह ने ‘जी-फ्लिक्स’ नाम से प्लेटफॉर्म बनाया था। पुलिस के अनुसार इस पर ऐसे प्रीमियम चैनल उपलब्ध कराए जा रहे थे, जिनके लिए सामान्य तौर पर सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। प्लेटफॉर्म पर मंथली और ईयरली सब्सक्रिप्शन की व्यवस्था भी थी। पुलिस ने यह भी बताया कि प्रीमियम कंटेंट के साथ एडल्ट कंटेंट भी उपलब्ध कराया जा रहा था। अधिकृत चैनल संचालकों की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और प्रेमसिंह को पकड़ा गया। वह 24 अगस्त तक क्राइम ब्रांच की रिमांड पर है। पुलिस उसके साथ जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक प्रेमसिंह वर्ष 2020 के कोरोना लॉकडाउन के बाद से इस गतिविधि में लगातार सक्रिय था। 12वीं के बाद वह फॉर्मेसी का कोर्स भी कर रहा था, लेकिन इसी दौरान डिजिटल तकनीक में उसकी रुचि बढ़ी। यू-ट्यूब के ट्यूटोरियल देखकर उसने वेबसाइट और ऐप बनाने की कोडिंग सीखी और धीरे-धीरे अपना प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया। क्राइम ब्रांच के अनुसार शुरुआत के बाद उसने सब्सक्राइबर बढ़ाए और प्लेटफॉर्म का दायरा लगातार बढ़ता गया। प्रारंभिक जांच में दो साल में 20 लाख रुपए से अधिक कमाई की बात सामने आई है। पुलिस अब बैंक खातों के ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है।
अधिकारियों के मुताबिक पायरेसी के जरिए कमाई से आरोपी प्रेमसिंह द्वारा लग्जरी कारें खरीदीं। चूंकि वह लंबे समय से यह काम कर रहा था, इसलिए पुलिस उसकी संपत्ति, बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी 24 अगस्त तक हमारे रिमांड पर है। उससे पूछताछ की जा रही है। हमारी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह कोरोना के लॉकडाउन के बाद से ही यह काम कर रहा है। उसने दो साल के भीतर करीब 20 लाख से अधिक की राशि कमाई है। लग्जरी कारें इत्यादि भी खरीदीं। हम खाते भी जांचेंगे और संपत्ति की भी जांच की जाएगी।