राजनंदगांव

Chhattisgarh News: किसानों के लिए बड़ी राहत! इस जिले में खुलेंगे 24 नए धान खरीदी केंद्र, ये होंगी सुविधाएं

Chhattisgarh Paddy Procurement: किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से नए धान उपार्जन केंद्र शुरू करने की अनुमति दी है। इसके तहत जिले में 24 नए धान खरीदी केंद्र खोले जाएंगे।
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Updated: 6 Sep 2026, 2:53 PM IST
Paddy Procurement Guidelines
24 नए धान खरीदी केंद्र (photo source- Patrika)

Paddy Procurement 2026-27: किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए प्रदेश में नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश में राजनांदगांव जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 24 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है। इन केंद्रों के लिए पहले ही सोसाइटियों का गठन किया जा चुका है। नए केंद्र शुरू होने से किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन स्थानों पर प्रस्तावित हैं नए केंद्र

राजनांदगांव जिले में नए धान खरीदी केंद्रों के लिए विभिन्न स्थानों का चयन किया गया है। इनमें धर्मापुर, आरला, बुद्धुभरदा बनहरदी, बोइरडीह, केसाल बुचाटोला, मुढ़िया, कसारी, खुड़मुड़ी, घुपसाल, भानपुरी, कनेरी, झंडातलाव, मचानपार, हरदी, बहनीभांठा, मोहड़, आसरा, पीपरखारकला, पिपरिया, कुर्रुभाठ, मासुल, चवरढाल और नवागांव समेत अन्य स्थान शामिल हैं।

राज्य स्तर पर भी धान खरीदी केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित पूरे प्रदेश में 354 नए धान खरीदी केंद्र खोले जाने की तैयारी है। इससे खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से किसानों को अपने नजदीकी क्षेत्रों में धान बेचने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

शासन ने नए धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों के लिए समतल एवं ऊंची भूमि का चयन करने के साथ ही धान के सुरक्षित रखरखाव के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा केंद्रों पर इंटरनेट, बिजली, प्रकाश और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होंगी।

धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक नए खरीदी केंद्र पर फिंगरप्रिंट और आइरिस डिवाइस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नमी मापने से लेकर तौल तक की होगी व्यवस्था

नए केंद्रों पर धान की गुणवत्ता और खरीदी प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। धान में नमी की जांच के लिए नमी मापने वाले उपकरण उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही धान की तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे की व्यवस्था की जाएगी। धान को बारिश या अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों से सुरक्षित रखने के लिए पॉलीथिन कवर की व्यवस्था भी की जाएगी। केंद्रों पर पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी के दौरान धान को नुकसान से बचाया जा सके।

समय पर व्यवस्था जुटाना प्रशासन के लिए चुनौती

नए धान खरीदी केंद्रों को शुरू करने से पहले शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाओं को उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। केंद्रों पर भूमि, भंडारण, बिजली, इंटरनेट, पेयजल, प्रकाश, बायोमेट्रिक उपकरण, नमी मापक यंत्र और तौल कांटे जैसी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करनी होंगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से नए केंद्रों पर धान खरीदी शुरू होनी है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी जरूरी संसाधन जुटाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि नए केंद्र शुरू होने से किसानों को अपने क्षेत्र के नजदीक धान बेचने की सुविधा मिलेगी और मौजूदा खरीदी केंद्रों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

Updated on:
6 Sep 2026, 2:53 PM IST
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