Illegal Conversion Investigation: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम धर्मापुर से संचालित ईसाई मतांतरण नेटवर्क ने आदिवासी अंचलों में गहरी पैठ बना ली थी।
Illegal Conversion Investigation: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम धर्मापुर से संचालित ईसाई मतांतरण नेटवर्क ने आदिवासी अंचलों में गहरी पैठ बना ली थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि पास्टर डेविड चाको ने बीते 20 वर्षों में करीब 2000 से अधिक परिवारों को मतांतरण के जाल में फंसाया।
8 जनवरी को सुकुलदैहान पुलिस चौकी में डेविड चाको के खिलाफ अवैध आश्रम संचालन, नाबालिग आदिवासी बच्चों को बिना अनुमति रखने और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत हिंदू जागरण मंच के सुशील लड्ढा ने की थी।
वर्ष 2006 में डेविड चाको केरल स्थित इंडिया पेंटेकोस्टल चर्च ऑर्गनाइजेशन (IPC) से जुड़ा। इसके बाद उसने छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में संगठित तरीके से मतांतरण गतिविधियां शुरू कीं। आज वह IPC का प्रदेश उपाध्यक्ष और यूनिट इंचार्ज बना हुआ है।
केरल निवासी डेविड चाको 1998 में छत्तीसगढ़ आया था। जांच में सामने आया है कि वह पहले दल्ली राजहरा में रहा और 2006 के बाद से राजनांदगांव को अपना ठिकाना बनाया। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजनांदगांव में शुरुआती दिनों में डेविड फ्रिज रिपेयरिंग का काम करता था।
बाद में हैदराबाद की एक संस्था से जुड़ने और IPC में सक्रिय होने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली। विदेशी दौरों और संपत्ति में वृद्धि ने जांच एजेंसियों की शंका बढ़ा दी है। डेविड चाको ने ‘पाल’ नाम से स्थानीय लोगों की भर्ती की, जो स्लीपर सेल की तरह काम करते थे। ये लोग गरीब, बीमार, अकेले और अनाथ आदिवासी परिवारों की जानकारी जुटाते और योजनाबद्ध तरीके से मतांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाती थी।
पुलिस को डेविड चाको के ठिकानों से संदिग्ध किताबें, प्रशिक्षण माड्यूल, ट्रैवल वाउचर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले हैं। विदेशी फंडिंग को लेकर डेविड लगातार विरोधाभासी बयान दे रहा है, जिससे जांच और गहरी हो गई है। राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि आरोपी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, फंडिंग, संपत्ति और संस्थागत कनेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है। डेविड चाको और उससे जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ जारी है।