राजनंदगांव

CG News: टीचर की थप्पड़ से फटा कान का पर्दा, 7वीं कक्षा के छात्र की सुनने की क्षमता खत्म

CG News: गुस्से में छात्र सार्थक के दोनों कानों पर जोरदार थप्पड़ मारे। इतनी तेज मार थी कि बच्चे के कान का पर्दा फट गया और सुनने की क्षमता चली गई। घर पहुंचकर सार्थक ने अपने माता-पिता से कहा कि "अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा।

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छात्र को थप्पड़ मारने वाली शिक्षिका गिरफ्तार (Photo Patrika)

CG News: डोंगरगढ़ स्थित खालसा पब्लिक स्कूल के कक्षा 7वीं के 13 वर्षीय छात्र सार्थक सहारे को पुस्तक निकालने में थोड़ी देरी होने पर क्लास टीचर और इंचार्ज शिक्षिका ने जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था। मारपीट इतनी भीषण थी कि छात्र के दोनों कानों को गंभीर चोट पहुंची और उसकी सुनने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो गई।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह उम्र 45 वर्ष पति आतिश सिंह निवासी केदारबाड़ी वार्ड नंबर 3 डोंगरगढ़ को 11 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं क्लास टीचर नम्रता साहू अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

2 जुलाई 2025 की घटना

2 जुलाई 2025 को सार्थक सहारे स्कूल में (सामाजिक विज्ञान) की क्लास में था। क्लास टीचर नम्रता साहू ने सभी छात्रों को पुस्तक निकालने को कहा। सार्थक को किताब निकालने में थोड़ी देरी हो गई। इस पर नम्रता ने इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह से शिकायत कर दी। दोनों शिक्षिकाएं कक्षा में पहुंचीं और प्रियंका सिंह ने गुस्से में छात्र सार्थक के दोनों कानों पर जोरदार थप्पड़ मारे। इतनी तेज मार थी कि बच्चे के कान का पर्दा फट गया और सुनने की क्षमता चली गई। घर पहुंचकर सार्थक ने अपने माता-पिता से कहा कि "अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा।

परिजनों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि चोट मारपीट के कारण हुई है। पीडि़त के पिता सुधाकर सहारे निवासी मिसीया बाड़ा डोंगरगढ़ ने थाना डोंगरगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 117(2),117(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश, एएसपी कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में विवेचना हुई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर प्रियंका सिंह को गिरफ्तार किया गया।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया

परिवार का कहना है कि यह घटना उनके बेटे की जिंदगी बर्बाद कर चुकी है। एक मासूम बच्चे की सुनने की क्षमता हमेशा के लिए चला जाना बहुत दुखद है। स्थानीय स्तर पर स्कूलों में शारीरिक दंड के खिलाफ आवाज उठ रही है। परिजनों के साथ ही आम लोगों में इस घटना को लेकर रोष बना हुआ था।

Published on:
13 Apr 2026 12:56 pm
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