
बीमारी से कंकाल बना शरीर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Chhattisgarh News: राजनांदगांव जिले के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में वनांचल के सुदूर मानपुर क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी युवक पिछले आठ महीनों से बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से ग्रसित यह युवक इलाज के अभाव में कंकाल सा हो चुका है और अब खाट पर पड़े-पड़े मौत का इंतजार कर रहा है।
मिली जानकारी अनुसार, ग्राम नवाटोला निवासी 35 वर्षीय आदिवासी युवक कृष्ण कुमार मंडावी की हालत इतनी दयनीय है कि वह अस्पताल तक पहुंचने में भी असमर्थ है। आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी ने उसे पूरी तरह असहाय बना दिया है। स्थिति यह है कि उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर जा चुकी है, और अब परिवार बेसहारा है। बताया गया कि उनके तीन बच्चे भी हैं।
यह घटना न केवल एक व्यक्ति की पीड़ा है, बल्कि वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली की सच्चाई भी उजागर करती है। शासन और प्रशासन के दावे कागजों तक सीमित नजर आते हैं, जबकि जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। न तो नियमित स्वास्थ्य जांच हो रही है और न ही किसी प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन।
चुनाव के समय सक्रिय रहने वाले जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति भी सवाल खड़े करती है। लोगों का कहना है कि चुनाव खत्म होते ही कोई भी उनकी सुध लेने नहीं आता। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। जरूरत है कि ऐसे क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं, ताकि किसी और को इस तरह असहाय होकर मौत का इंतजार न करना पड़े।
Updated on:
11 Apr 2026 06:52 pm
Published on:
11 Apr 2026 06:39 pm
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