राजनंदगांव

चार करोड़ की स्वीकृति फिर भी उमरवाही मार्ग बन गया नाला

झलकी विभाग की उदासीनता
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Updated: 6 Sep 2018, 4:22 PM IST
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जर्जर... ये मार्ग है गुंडरदेही से उमरवाही जाने का।

राजनांदगांव / जोंधरा. समीपस्थ ग्राम पंचायत उमरवाही में सड़क निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों से कई बार मांग करने के पश्चात चार करोड़ अस्सी लाख की स्वीकृति हुई है बावजूद इसके मुख्य मार्ग का नाले के रूप में परिवर्तित हो जाना विभागीय उदासीनता का ही ज्वलंत उदाहरण है। उक्त मार्ग से ग्रामीण गुजरते जो आज दुर्भाग्य के आंसू बहाने मजबूर है वो और कोई नही गुंडरदेही-उमरवाही मार्ग ही है।

सड़क की हालत जर्जर
प्रतिनिधि ने उक्त मार्ग को मोटरसायकल से उमरवाही पहुंचकर स्वयं देखा जिसमें ग्राम चांदिया से उमरवाही तक सड़क अत्यंत ही जर्जर स्थिति में है। बीच सड़क में बहता पानी इसे सड़क की संज्ञा ना देकर कोई भी नाला ही बतायेगा लेकिन इस मार्ग में चलने मजबूर शिक्षक, विद्यार्थी और राहगीर जिन्हें रोज ही पार कर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है वो इस दर्द को भली भांति समझ सकते है। बहरहाल राहगीर अभी मार्ग में बहते पानी में चलने मजबूर है समय रहते यदि मार्ग का डामरीकरण नही किया जाता तो क्षेत्रीय ग्रामीणों में लगातार सुलग रही आग फिर किसी भी दिन धधक सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया सामने
क्षेत्रीय ग्रामीण पिछले दस वर्षो से इस मार्ग में डामरीकरण निर्माण की मांग शासन से कर रहे है। उमरवाही निवासी समाजसेवी राजकुमार श्रीवास्तव, लक्ष्मीचंद जैन, जीवनचंद जैन, विनोद तिवारी, भागीराथी राणा के नेतृत्व में ग्रामीण अगस्त 2017 में क्रमिक भूख हड़ताल की विधिवत चेतावनी व जानकारी शासन को दे चुके थे पर पूर्व सासंद मधुसूदन यादव व पूर्व मंत्री राजिंदरपाल सिंह भाटिया द्वारा ग्रामीणों को सड़क निर्माण शीघ्र करवाये जाने का आश्वासन देकर क्रमिक भूख हड़ताल होन से पहले ही समाप्त करवा दिया गया पर आज भी मार्ग की दशा ज्यो की त्यों बनी हुई है।

चार करोड़ अस्सी लाख की स्वीकृति
क्षेत्रीय विधायक भोलाराम साहू ने प्रतिनिधि को बताया कि उक्त मार्ग में चांदिया से उमरवाही 6 किमी तक सड़क निर्माण के लिए बजट में चार करोड़ अस्सी लाख की स्वीकृति प्रदान की गयी है पर बजट में स्वीकृति के बाद भी सड़क की दशा पहले की अपेक्षा और भी जीर्ण-शीर्ण होते जा रही है जो क्षेत्रीय ग्रामीणों की समझ से परे है। वो मानते है हर साल की तरह इस बार भी हम ग्रामीणों को शासन द्वारा ***** बनाया जा रहा है। विदित हो कि इस राशि के अतिरिक्त भी इस मार्ग के निर्माण के लिए वार्षिक संधारण राशि के रूप में 55 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी थी पर इनके बावजूद भी उक्त मार्ग में आज सायकल तक चलाना दूभर है।

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