राजनंदगांव

23वीं कुलपति का पदभार ग्रहण करते ही कहा- कर्ज उतारने का होगा प्रयास, अटके कार्यों को प्राथमिकता, विश्वविद्यालय का विस्तार करना ही लक्ष्य …

संगीत विवि की 23वीं कुलपति ममता चंद्राकर ने संभाला पदभार
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As soon as he assumed the position of 23rd Vice Chancellor, he said that efforts will be made to pay down the debt, priority of stuck work, aim to expand the university ...
23वीं कुलपति का पदभार ग्रहण करते ही कहा- कर्ज उतारने का होगा प्रयास, अटके कार्यों को प्राथमिकता, विश्वविद्यालय का विस्तार करना ही लक्ष्य ...

खैरागढ़. इंदिरा कला संगीत विवि की 23वीं कुलपति नियुक्त हुई लोककलाकार पद्मश्री ममता चंद्राकर शुक्रवार को पदप्रभार लेने खैरागढ़ पहुंची। शहर पहुंचते ही उन्होंने रियासत कालीन दंतेश्वरी मंदिर जाकर वहां पूजा-अर्चना की। फिर संगीत विवि के कैम्पस दो स्थित प्रशासनिक भवन पहुंची। संगीत विवि के कुलसचिव पीएस धु्रव, सहायक कुलसचिव विजय सिंह सहित प्रो कांशीनाथ तिवारी ने अगवानी की। कुलपति कार्यालय पहुंची चंद्राकर को निर्वतमान कुलपति प्रो. डॉ. मांडवी सिंह ने विधिवत रूप से कार्यभार सौंपा और उन्हें बधाई शुभकामनाएं दी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद कुलपति ममता चंद्राकर ने कुलपति कक्ष में ही सभी विभागाध्यक्षों से परिचय प्राप्त कर संगीत विवि में जारी गतिविधियों की जानकारी ली।

पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा में कुलपति ममता चंद्राकर ने कुलपति के रूप में उनका चयन करने के लिए राज्यपाल और सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवि के अटके कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने, संगीत विवि के विस्तार को गति देना उनकी प्राथमिकता होगी। चंद्राकर ने कहा कि विवि की धीमी पड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना सबसे बड़ा ध्येय है। संगीत विवि की ख्याति देश विदेश तक पहुंचे यही मंशा है। कुलपति चंद्राकर ने कहा कि वे खुद संगीत विवि की छात्रा रही हैं। संगीत विवि केवल डिग्री नहीं बल्कि कला और स्थापित कलाकार का निर्माण करता है। विवि धु्रव तारा की तरह चमके ऐसा एकमेव प्रयास होगा।

संगीत विवि के संस्थापक राजा-रानी को याद करते चंद्राकर ने कहा कि उनकी मंशा केवल यही थी कि विवि के छात्र देश-विदेश तक पहुंचे और खैरागढ़ संगीत विवि का नाम बताए। यही सपना साकार करना उददेश्य है। खुद छात्रा होने की बात कहते चंद्राकर ने कहा कि यहां से ही नाम मिला लोकप्रियता मिली, जिसके बाद अब अपनी क्षमता और अनुभव का यहां भरपूर दोहन कर वह इस विवि का कर्ज उतारने पूरी मेहनत करेंगी।

दूसरी छात्रा बनी संगीत विवि की कुलपति

संगीत विवि की 23वीं कुलपति का प्रभार संभालने वाली ममता चंद्राकर विवि की दूसरी छात्रा है, जिन्होंने कुलपति का प्रभार संभाला है। इससे पहले निर्वतमान कुलपति डॉ. मांडवी सिंह लगातार दो बार कुलपति के पद को पिछले नौ सालों से संभालते रही। चंद्राकर यहां 1976 से 81 तक एमए की छात्रा रही, तो मांडवी सिंह 81 में यहां की छात्रा बनी। 86 से 98 तक लेक्चरर फिर दो साल रीडर रहीं। 11 साल प्राध्यापक और पिछले नौ साल से कुलपति का पद संभाला।

सिंह ने संभाला प्राध्यापक का पद

नई कुलपति ममता चंद्राकर को कार्यभार सौंपने के बाद निवर्तमान कुलपति प्रो. डॉ. मांडवी सिंह ने वापस नृत्य संकाय पहुंच वहां कत्थक प्राध्यापक के रूप में मूल पद में अपना पदभार संभाला। कार्यभार सौंपने के बाद प्रशासनिक भवन से निकली। सिंह को विदाई देने अधिकारी-कर्मचारी भी पहुंचे और रवाना किया। सिंह कुलपति बनने के पूर्व नृत्य संकाय में प्राध्यापक के पद पर ही कार्यरत थीं।

कांग्रेसियों ने किया स्वागत

नई कुलपति के रूप में संगीत विवि में अपना पदभार ग्रहण करने पहुंची ममता चंद्राकर के खैरागढ़ पहुंचने पर अंबेडकर चौक में कांग्रेसियों में स्वागत करने होड़ मच गई। चौक में ब्लाक अध्यक्ष भीखम चंद छाजेड़, शहर कांग्रेस अध्यक्ष रज्जाकखान, जनपद उपाध्यक्ष मुरली वर्मा, नपा सभापति मनराखन देवांगन, सुबोध पांडे, एल्डर मैन पूरन सारथी, केशव सिंह, सुरेंद्र शर्मा, पलाश सिंह, समीर कुरैशी सहित कांग्रेसियों ने स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दी।

Updated on:
25 Jul 2020 05:40 am
Published on:
25 Jul 2020 05:40 am