राजनंदगांव

Bee attack: राजगीरों पर मधुमक्खियों ने किया हमला, महिला और युवक की हुई दर्दनाक मौत… अन्य अस्पताल में भर्ती

Bee attack: मधुमक्खियों के झुंड ने निर्माण कार्य में लगे राजगीरों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई है...
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राजगीरों पर मधुमक्खियों का हमला (फोटो सोर्स-- पत्रिका)
राजगीरों पर मधुमक्खियों का हमला (फोटो सोर्स-- पत्रिका)

Bee attack: राजनांदगांव शहर के बजरंगपुर नवागांव वार्ड में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने निर्माण कार्य में लगे राजगीरों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई है, जबकि दो से तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

मृतकों की पहचान शिव यादव और सुशीला देवांगन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों पास में काम कर रहे थे, तभी पास के पेड़ में मौजूद मधुमक्खियों के छत्ते में किसी कारण हलचल मच गई और झुंड ने अचानक मजदूरों पर हमला बोल दिया। कुछ ही पलों में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन शिव यादव और सुशीला देवांगन मधुमक्खियों के डंक से बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

Bee attack: घायलों का उपचार जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि फिलहाल दो अन्य मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक हुए इस हमले से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

मधुमक्खी के हमले में 20 ग्रामीण हुए थे घायल

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक के ग्राम बेलतरा में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। वहां प्रतिमा विसर्जन के दौरान तालाब के पास मौजूद लोगों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। उस समय 100 से अधिक भक्त वहां मौजूद थे। हमले में मोहित यादव (24 वर्ष) समेत 20 से ज्यादा ग्रामीण घायल हुए थे। घायलों को 108 एंबुलेंस टीम की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पेड़ों पर बने छत्तों के पास सावधानी बरतें, बच्चों को वहां खेलने या पत्थर मारने जैसी हरकतों से रोकें। नगर निगम की टीम को भी निर्देश दिए गए हैं कि आबादी वाले क्षेत्रों से ऐसे छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Updated on:
05 Oct 2025 10:07 am
Published on:
05 Oct 2025 10:06 am