राजनांदगांव के कांकेतरा की रहने वाली 20 साल की अनिता उर्फ रानू देवांगन कालेज में पढ़ती थी और फाइनल ईयर की छात्रा थी। उसका अपने गांव के ही एक युवक वीरेंद्र बंजारे के साथ प्रेम सम्बन्ध था।
राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की एक प्रेमी प्रेमिका को अपनी नानी के क़त्ल के जुर्म में न्यायालय ने आजीवन कारवास की सजा सुनाई है। युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले उनकी हत्या की और फिर उनकी लाश को गड्ढा खोदकर दफ़्न कर दिया था।
घटना 17 मार्च 2018 की है। राजनांदगांव के कांकेतरा की रहने वाली 20 साल की अनिता उर्फ रानू देवांगन कालेज में पढ़ती थी और फाइनल ईयर की छात्रा थी। उसका अपने गांव के ही एक युवक वीरेंद्र बंजारे के साथ प्रेम सम्बन्ध था। दोनों घर वालों से छुप-छुप कर मिला करते थे और ये बात उसकी नानी मेहतरीन बाई को पता चल गयी।
उन्होंने अनीता को वीरेंद्र से दूर रहने का दबाव बनाने लगी और उससे मिलने पर डांटती थी। उनकी इसी बात से अनीता इतनी नाराज हो गयी कि उसने अपने प्रेमी वीरेंद्र के साथ मिलकर अपनी नानी की हत्या की योजना बनाई और डण्डे से पीटपीट कर उनकी जान ले ली।
यही नहीं दोनों ने मिलकर घर के पीछे गढ्डा खोदा और उसमें उन्हें दफन कर दिया। इसके बाद अनीता ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही पुलिस को फोन किया और नानी के किडनैपिंग की झूठी कहानी बताई। पुलिस ने 24 घंटे में ही खुलासा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। सुनवाई के बाद द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीकांत श्रीवास ने अनिता और विरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।