Shivnath Nadi: इस घोषणा से राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा मेला स्थल और ऑक्सीजोन क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है
Shivnath Nadi: राज्य सरकार के हालिया बजट में जीवनदायिनी शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्धन और सौंदर्यीकरण के लिए 250 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण राशि स्वीकृत की गई है। इस घोषणा से राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा मेला स्थल और ऑक्सीजोन क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। पत्रिका ने ऑक्सीजोन की बदहाली को लेकर खबर प्रकाशित की थी।
शिवनाथ क्षेत्रीय विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. डीसी जैन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस बजट राशि से नदी के विकास के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन-संबंधी परियोजनाओं को गति मिलेगी। विशेष रूप से ऑक्सीजोन को मोहारा मेला स्थल से जोडऩे के लिए प्रस्तावित लक्ष्मण झूला की स्वीकृति मिल चुकी है। यह झूला अतिशीघ्र निर्माणाधीन होगा, जिससे दोनों स्थलों के बीच आसान कनेक्टिविटी बनेगी।
मोहारा मेला, जो सवा सौ वर्ष पुराना प्रसिद्ध कार्तिक पूर्णिमा मेला है, शिवनाथ नदी तट पर आयोजित होता है और हजारों श्रद्धालु व पर्यटक यहां आकर्षित होते हैं। लक्ष्मण झूला लगने से मेले का क्षेत्रफल बढ़ेगा, नदी किनारे का सौंदर्य निखरेगा और लोगों को बेहतर मनोरंजन व पिकनिक स्पॉट मिलेगा। ऑक्सीजोन, जो शहरवासियों का पसंदीदा हरित एवं ऑक्सीजन युक्त स्थान है, भी इस विकास से लाभान्वित होगा। झूला न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
डॉ. जैन ने कहा कि यह 250 करोड़ की सौगात शिवनाथ नदी के प्रति मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के समर्पण का प्रमाण है। इससे नदी का सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। समिति सदैव उनके आभारी रहेगी।
यह बजट प्रावधान राजनांदगांव जिले के लिए कुल लगभग 1000 करोड़ के विकास पैकेज का हिस्सा है, जिसमें शिवनाथ नदी से जुड़ी अन्य जल संरचनाओं का भी विकास शामिल है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि लक्ष्मण झूला और संबंधित सुविधाओं से यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार हो सकता है, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय व्यापार को भी बल मिलेगा। शिवनाथ नदी के किनारे यह विकास न केवल राजनांदगांववासियों के लिए वरदान साबित होगा।