CG Fraud News: राजनांदगांव में दो नामी कंपनी ने 5 प्रतिशत मासिक रिटर्न का झांसा देकर 15 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया है। बताया गया कि 400 लोगों से डी-मैट अकाउंट खुलवाकर धोखाधड़ी की है..
CG Fraud: दो नामी कंपनी में जिले के तकरीबन 400 लोगों का डी-मैट अकाउंट खुलवाकर तकरीबन 15 करोड़ रुपए का स्कैम कर लेने का सनसनी खेज खुलासा हो रहा है। इसका मास्टर माइंड दुर्ग निवासी अमित पिता निर्भय दास लिल्हारे को बताया जा रहा है। प्रार्थी हेमंत कुमार देवांगन की शिकायत के आधार पर अमित लिल्हारे और एसएमसी कंपनी के संचालकों के खिलाफ चिखली थाने में धारा 420, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है।
दूसरी कंपनी ग्लोबल कैपिटल है, जिसका सब ब्रोकर कांकेतरा निवासी गेमलाल देवांगन को बताया जा रहा है। दोनों ही कंपनी और अधिकृत व्यक्ति (सब ब्रोकर) के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है। एफआईआर के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दर्जनभर निवेशक शिकायत लेकर सामने आ चुके हैं। पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर सकती है। इधर निवेशकों का कहना है कि उन्हें उनका मूल रकम ब्याज सहित लौटाया जाए।
इस स्कैम में राजनांदगांव जिले के पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और प्राइवेट जॉब करने वाले व्यक्ति अपनी गाढ़ी कमाई गवां चुके हैं। कुछ निवेशक शिकायत को लेकर सामने आने से कतरा रहे हैं। बताया जा रहा है कि निवेशकों को अमित लिल्हारे अब भी उनकी मूल रकम लौटाने का झांसा देते हुए थाने में शिकायत नहीं करने आग्रह कर रहे हैं। निवेशकों की माने तो अमित लिल्हारे और ट्रेनिंग कंपनी की सांठगांठ से यह पूरा स्कैम हुआ है। जांच में इसका खुलासा हो जाएगा।
प्रार्थी ने बताया कि कुछ महीना ब्याज मिलने के बाद आरोपियों ने भुगतान बंद कर दिया। प्रार्थी द्वारा बार-बार रकम लौटाने की मांग करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। शिकायतकर्ता ने कंपनी के मुंबई कार्यालय में ऑनलाइन संपर्क किया, तो उन्होंने राशि अपने पास नहीं होने और एजेंट से संपर्क करने की बात कही।
प्रार्थी हेमंत कुमार देवांगन (48 वर्ष), निवासी शिवानंद चौक शंकरपुर ने बताया कि वे पेशे से नल मिस्त्री हैं। 2020 में उनकी पहचान हरिनगर दुर्ग निवासी अमित लिल्हारे से हुई। उन्होंने स्वयं को एसएमसी ग्लोबल कंपनी मुंबई का अधिकृत व्यक्ति (ब्रोकर) बताते हुए कंपनी में निवेश करने पर प्रति माह 5 प्रतिशत ब्याज और कंपनी बॉन्ड देने का प्रलोभन दिया। इस पर 20 जून 2020 को उन्होंने एक लाख रुपए चेक के माध्यम से जमा किए। शुरुआती समय में खाते में ब्याज राशि आने पर उन्होंने और अधिक निवेश किया। बाद में प्रार्थी ने 25 लाख रुपए तथा उनकी पत्नी वेदबाई देवांगन ने भी 25 लाख रुपए चेक के माध्यम से जमा किए। इस तरह कुल 50 लाख रुपए अपने डी-मैट अकाउंट में जमा कराया, जिसमें ट्रेडिंग का काम सब ब्रोकर द्वारा किया जाता था।