
Chhattisgarh First Solar Village: अब खैरा के ग्रामीणों को हर महीने बिजली बिल का इंतजार नहीं रहता, बल्कि उनके घरों की छतें ही बिजली पैदा कर रही हैं। सूरज की रोशनी से रोशन हो रहे इस गांव ने देश में एक नई मिसाल कायम की है। जिले के 889 की आबादी वाले खैरा गांव के सभी 141 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं। खैरा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत शत-प्रतिशत घरों में सोलर सिस्टम लगाने वाला देश का पहला गांव बन गया है।
इस उपलब्धि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सौर ऊर्जा का लाभ केवल संपन्न परिवारों तक सीमित नहीं रहा। 141 सोलरयुक्त घरों में से 93 प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के हैं। यानी जिन परिवारों को नए आवास मिले, उनके घरों को सौर ऊर्जा से भी जोड़ दिया गया। अनुसूचित जनजाति के 21 परिवार और अनुसूचित जाति के 4 परिवार भी रहते हैं। सीमित आय वाले परिवारों को भी बिजली खर्च से राहत मिली। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर योजना के क्रियान्वयन में सबसे बड़ी बाधा जानकारी का अभाव, दस्तावेजों की कमी और बैंक के चक्कर लगाना होता है। खैरा में इन चुनौतियों को दूर करने के लिए गांव में नियमित पीएम सूर्य सभाएं आयोजित की गईं। ग्रामीणों को योजना की पात्रता, लागत और बचत की जानकारी दी गई।
इस पहल का लाभ उन परिवारों के लिए खास है, जिनकी आमदनी सीमित और निश्चित है। प्रधानमंत्री आवास की हितग्राही विधवा शोहगिल गोंड पेंशन के सहारे जीवनयापन करती हैं। उनका कहना है कि अब अकेले रहते हुए बिजली बिल की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इसी तरह कार्तिक यादव मजदूरी और घरेलू काम से परिवार चलाते हैं। उनके मुताबिक कम कमाई में बिजली बिल भरना मुश्किल होता था, लेकिन सोलर सिस्टम लगने से बड़ी राहत मिलेगी।
बुजुर्ग सहदेव साहू भी इसे उम्र के इस पड़ाव में आर्थिक चिंता कम करने वाला कदम मानते हैं। खैरा को इस मुकाम तक पहुंचाने में स्थानीय महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पीएम सूर्य सखियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी और आवेदन से लेकर दस्तावेजी प्रक्रिया तक मदद की। इनमें संगीता साहू भी शामिल रहीं। वहीं पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के स्व-सहायता समूह नेटवर्क ने भी काम किया।