
Chhattisgarh Crime News: महज 12 हजार रुपए प्रतिमाह कमाने के लालच में एक कॉलेज छात्र ने अपना बैंक खाता किराये पर दे दिया। यही फैसला उसके लिए मुसीबत बन गया। छात्र के खाते से चार से पांच महीने के भीतर 1 करोड़ 69 लाख 32 हजार रुपए से अधिक का संदिग्ध लेन-देन सामने आने पर केसीजी पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी लक्ष्य शर्मा ने बताया कि गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और एनसीआरबी से मिले इनपुट के आधार पर छुईखदान पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की थी। जांच में ग्राम नवागांव (लोधी) निवासी कॉलेज छात्र दीपक निर्मलकर के खाते में करोड़ों रुपए का संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिला। पूछताछ में छात्र ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता 12 हजार रुपए प्रतिमाह के बदले किराये पर दिया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और रायपुर निवासी राहुल देवांगन सहित चार आरोपियों तक पुलिस पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार मुंबई के पलावा सिटी स्थित किराये के फ्लैट से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। गिरोह फेयर प्ले, रेड्डी अन्ना, जयराम और शिवा बुक जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में अवैध कारोबार चला रहा था। कार्रवाई के दौरान 14 मोबाइल, एक लैपटॉप, 19 एटीएम कार्ड, पांच बैंक पासबुक और कई सिम कार्ड जब्त किए गए। साथ ही विभिन्न खातों में जमा 5 लाख रुपए फ्रीज कर कुल 10.50 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।