CG Accident: सोमनी के पास हाइवे पर ओवरटेक करने के दौरान बाइक सवार दंपती ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल है।
CG Accident: राजनांदगांव जिले में नवरात्र पर्व के दौरान हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। विशेष रूप से डोंगरगढ़ मंदिर में माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। इस दौरान हाईवे और शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, जिससे यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है। इस बीच एक खबर सामने आ रही है कि रविवार को सोमनी के पास हाइवे पर ओवरटेक करने के दौरान बाइक सवार दंपती ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल है।
बता दें कि भिलाई के संजय नगर सुपेला निवासी 45 वर्षीय नागराज साहू (45) अपनी पत्नी पुष्पा साहू के साथ बाइक से डोंगरगढ़ से देवी दर्शन कर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान सोमनी थाना क्षेत्र के आगे वन-वे मार्ग में ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी बाइक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दंपती सडक़ पर गिर गए और नागराज साहू ट्रक के पहिए के नीचे आ गए।
रायगढ़ में ट्रक से ओवरटेक के चक्कर में बाइक सवार युवक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया। इससे ट्रक के चक्के के नीचे आने से उसकी मौत हो गई। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार ग्राम दनोट निवासी साहनु राम राठिया शनिवार शाम पड़ोसी की बाइक से चंद्रपुर गया था। शाम करीब 5 बजे पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े भंडार के पास पहुंचा ही था कि चंद्रपुर की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक का चक्का उसके ऊपर चढ़ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि त्योहार के समय केवल वन-वे व्यवस्था लागू करना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही हाईवे पर अलग लेन की व्यवस्था, प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, भारी वाहनों की आवाजाही पर समयबद्ध नियंत्रण और ओवरटेकिंग के सुरक्षित विकल्प जैसे कदम उठाने की आवश्यकता है।
कई लोगों का यह भी मानना है कि तीर्थ मार्ग होने के कारण इस रास्ते पर स्थायी ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाना चाहिए। इस दुर्घटना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से आमतौर पर ऐसे मामलों में जांच कर आवश्यक कदम उठाने की बात कही जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और दीर्घकालिक व्यवस्था बनाई जाए।