
Chhattisgarh News: शारदीय नवरात्रि के दौरान राजनांदगांव में आयोजित होने वाले गरबा एवं डांडिया कार्यक्रमों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने को लेकर हिंदू जागरण मंच ने जिला प्रशासन से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। मंच ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आयोजनों को रात्रि 10 बजे तक सीमित करने सहित सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई सुझाव दिए हैं।
मंच का कहना है कि गरबा केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि नवरात्रि से जुड़ी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा है। इसलिए आयोजनों में धार्मिक गरिमा, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। मंच ने मांग की है कि गरबा एवं डांडिया कार्यक्रमों की अनुमति रात्रि 10 बजे तक ही दी जाए और इसके बाद ध्वनि-विस्तारक यंत्र एवं कार्यर म तत्काल बंद कराने की व्यवस्था हो।
ज्ञापन में अश्लील, द्विअर्थी एवं आपत्तिजनक गीतों पर रोक लगाने तथा आयोजकों से कार्यक्रम से पहले गीत-संगीत की सूची एवं कार्यक्रम की रूपरेखा निर्धारित कराने की मांग की गई है। साथ ही आयोजन स्थलों पर स्पष्ट आचार-संहिता प्रदर्शित करने, भारतीय एवं सांस्कृतिक मर्यादा के अनुरूप आयोजकों की ओर से वेशभूषा संबंधी नियम तय करने और उनका पालन सुनिश्चित कराने का सुझाव दिया गया है।
बड़े आयोजनों में प्रवेश द्वार पर पहचान एवं सुरक्षा व्यवस्था, अधिकृत स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तथा आवश्यकता के अनुसार पुलिस निगरानी की मांग भी की गई है। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा कर्मियों, सीसीटीवी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सहायता केंद्र की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि निजी या समुदाय-विशिष्ट आयोजनों में प्रवेश नियम आयोजकों द्वारा स्पष्ट किए जाएं और सभी व्यवस्थाएं भारतीय कानून एवं प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप हों। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित आयोजकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर अनुमति निरस्त करने की मांग की गई है।