
Rajnandgaon district: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में स्कूली बच्चों की तिमाही परीक्षा रद्द कर सरकारी कार्यक्रम में ले जाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस ने आज जमकर विरोध किया। शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंचकर अधिकारी से मामले में कार्रवाई की बात कही। जानकारी के अनुसार शहर के पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्कूल के करीब 250 स्कूली बच्चों को गोविंदराम निर्मलकर आॅडिटोरियम में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम में भेज दिया गया। जबकि बच्चों की परीक्षा निर्धारित थी। ऐसे में प्रदेश के शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा विभाग की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।
बताया जा रहा है कि विद्यार्थियों को कार्यक्रम में भेजने से पहले स्कूल प्रबंधन की ओर से शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखित सूचना नहीं दी गई। साथ ही परीक्षा स्थगित करने की अनुमति भी नहीं ली गई थी। बावजूद परीक्षा रद्द कर बच्चों को कार्यक्रम में भेज दिया गया। बता दें कि मंगलवार सुबह कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी निर्धारित तिमाही परीक्षा देने के लिए स्कूल पहुंचे थे। इसी दौरान करीब 250 विद्यार्थियों को परीक्षा कक्ष में भेजने के बजाय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना कर दिया गया। ऑडिटोरियम में आयोजित युवा खिलाड़ी संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद थे। विद्यार्थियों के कार्यक्रम में पहुंचने के कारण उनकी तय परीक्षा नहीं हो सकी।
तिमाही परीक्षा का कार्यक्रम राज्य स्तर पर निर्धारित किया गया है। वहीं विद्यार्थियों के लिए प्रश्नपत्र जिला स्तर पर तैयार किए गए हैं। ऐसे में निर्धारित तारीख पर परीक्षा नहीं होने से परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परीक्षा की तैयारी करके स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को अचानक कार्यक्रम में भेजे जाने की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों में भी नाराजगी बताई जा रही है।
स्कूली बच्चों को सरकारी कार्यक्रम में भेजे जाने की खबर मिलते ही कांग्रेसियों ने आज जमकर विरोध जताया। कहा कि परीक्षा को रद्द कर सरकारी कार्यक्रम में ले जाना कहां का कानून है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग के कार्यालय का घेराव कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। देखना होगा कि शिक्षा व्यवस्था में हुई चूक पर विभाग के आला अफसर किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं।