
राजनांदगांव. लॉकडाउन के चलते संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन ने तम्बाखू उत्पादों को प्रतिबंधित किया था। कारण बताया गया था की सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। जिसके बाद नगरीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग जब से लॉक डाउन हुआ है आज तक किसी भी पान मसाले की दुकान में किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं देखी गई। गुटखे, तंबाखू, गुड़ाखू, बीड़ी आदि चोरी छिपे बेची जा रही है।
खाली दुकानों पर कार्रवाई की गई जो लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते उन पर भी कार्रवाइई की गई। इसके बाद आलम यह है की 5रु. का गुटखा 30 रुपए में बिक रहा है, 10 रुपए का गुड़ाखू 150 तक में बेचा जा रहा है। सिगरेट, तंबाखू भी मनमानी कीमतों में चोरी छुपे बेचे जा रहे हैं। प्रतिबंध की वजह से इन चीजों की कालाबाजारी चरम पर है।
मजबूरी में अधिक दर पर खरीद रहे लोग
इस पर जिला प्रशासन कि अब तक बड़ी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है जिसकी वजह से बेखौफ होलसेल विक्रेता मोटी रकम लेकर गुटखा, तंबाखू, बीड़ी और गुड़ाखू बेच रहे हैं। जिसके कारण गुड़ाखू, तंबाखू और गुटखा का आदतन सेवन करने वाले मजबूरीवश मोटी रकम देकर गुटखा, तंबाखू, बीड़ी, सिंगरेट और गुड़ाखू लेने पर मजबूर है।