
Government College Jalbandha: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ क्षेत्र के जालबांधा स्थित नवीन शासकीय महाविद्यालय के लिए लंबे समय से चली आ रही स्वतंत्र भवन की मांग अब पूरी होने की दिशा में है। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज के नए भवन निर्माण के लिए ₹465.84 लाख यानी करीब 4.66 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। शासन के स्वीकृति आदेश में जालबांधा महाविद्यालय को भी शामिल किया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण से पहले की जरूरी विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा।
जालबांधा में शासकीय महाविद्यालय के लिए स्थायी और स्वतंत्र भवन की मांग लंबे समय से उठती रही है। कॉलेज के विद्यार्थियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की ओर से भी इस मांग को लगातार सामने रखा जाता रहा है। भवन निर्माण के लिए जनभागीदारी समिति ने भी प्रयास किए। समिति अध्यक्ष जयप्रकाश साहू सहित सदस्यों ने शासन और प्रशासन के सामने कॉलेज के लिए स्वतंत्र भवन की आवश्यकता को रखा था। अब प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रशासकीय स्वीकृति के बाद अब भवन निर्माण से जुड़ी जरूरी विभागीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। नए भवन में कॉलेज संचालन के लिए आवश्यक शैक्षणिक और अन्य सुविधाओं के विस्तार की संभावना भी बनेगी।
स्वतंत्र और स्थायी भवन बनने के बाद जालबांधा के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है। कॉलेज के पास अपना भवन होने से विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा। इससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश साहू और सदस्यों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया। समिति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन और सांसद संतोष पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
जनभागीदारी समिति अध्यक्ष जयप्रकाश साहू ने कहा कि 4.66 करोड़ रुपए की स्वीकृति जालबांधा और आसपास के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। स्वतंत्र भवन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी और समिति के सदस्यों ने इस मांग को शासन के सामने लगातार रखा। उन्होंने कहा कि अब प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। जरूरी विभागीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भवन निर्माण की अगली कार्रवाई शुरू होगी।