
Paddy Smuggling in CG (Photo Patrika)
Paddy Smuggling in CG: समर्थन मूल्य और इनपुट सब्सिडी मिलाकर 3100 रुपए प्रति क्विंटल की आकर्षक दर मिलने के चलते पड़ोसी राज्यों के बिचौलियों की नजर प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों पर टिकी हुई है। किसानों के नाम पर बाहरी राज्यों का धान खपाने के इस अवैध खेल पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित हाईटेक निगरानी तंत्र तैयार कर रहा है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा से जुड़े सभी प्रमुख व अंदरूनी रास्तों पर स्थापित चेक पोस्टों पर एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनसे वाहनों की 24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रदेश में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन शुरू होने जा रहा है। राजनांदगांव जिले की सीमाएं सीधे दो राज्यों से जुड़ी हैं, जिसके चलते तस्कर अक्सर बोरतलाव, बागनदी, चिचोला, छुरिया और कल्लूबंजारी के ग्रामीण व अंदरूनी मार्गों से अवैध आवक की फिराक में रहते हैं। प्रशासन ने इन सभी संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी दस्ते तैनात कर दिए हैं।
प्रशासन की रणनीति सिर्फ सीमावर्ती नाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि राइस मिलों के पुराने और नए स्टॉक की भी सघन जांच शुरू कर दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ मिलर्स पहले से बाहरी धान डंप कर बाद में कस्टम मिलिंग के दौरान कागजी हेराफेरी कर सकते हैं। अभियान के तहत हाल ही में छुरिया क्षेत्र में छापा मारकर दूसरे राज्य से लाया गया 500 बोरी अवैध धान जब्त किया गया है।
इस बार एआई कैमरों और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए सभी संदिग्ध वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि पड़ोसी राज्यों का एक भी दाना धान यहां के उपार्जन केंद्रों तक न पहुंचे और सरकारी समर्थन मूल्य का पूरा लाभ केवल छत्तीसगढ़ के वास्तविक किसानों को ही मिले।
Updated on:
5 Nov 2026, 5:16 PM IST
Published on:
5 Nov 2026, 5:16 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.