Chhattisgarh Sushasan Tihar: राजनांदगांव में सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना के बाद अब शिविर में सरपंच को चाकू मारने की घटना सामने आई है..
Chhattisgarh Sushasan Tihar: सुशासन तिहार में चाकूबाजी की वारदात हो गई। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के ग्राम पंचायत पलान्दूर में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर एक शख्स ने सरपंच पर चाकू से हमला कर दिया। सरपंच के पेट में चाकू लगने से घायल हो गया। वहीं मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। सुशासन तिहार में वारदात की यह दूसरी घटना है।
इससे पहले राजनांदगांव के डोंगरगढ़ के आंबेडकर भवन में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में बड़ा विवाद हुआ था। पट्टे की मांग को लेकर पहुंचे कुछ लोग आक्रोशित होकर अधिकारियों को बंधक बना लिया था। इस घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं अब सुशासन तिहार कार्यक्रम में चाकूबाजी की घटना ने हैरान कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सुशासन तिहार कार्यक्रम में भाषण चल रहा था। इसी दौरान आरोपी जितेन्द्र यादव ने अचानक हमला कर दिया। हालांकि अभी यह नहीं पता चला है कि अरोपी ने किस वजह से सरपंच पर जानलेवा हमला किया है। वहीं चाकूबाजी में सरपंच घायल हो गया और उनके पेट में चोट आई है। इस घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों और मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद ही मामले का खुलासा होगा।
सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़ा दमाली में आयोजित शिविर में किसान रामनाथ पंडो की वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया। ग्राम बड़ा दमाली निवासी रामनाथ पंडो लंबे समय से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) नहीं बनने के कारण परेशान थे। खेती के मौसम में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था उनके लिए चुनौती बनी रहती थी। निजी दुकानों और उधारी पर निर्भरता के कारण खेती की लागत भी बढ़ जाती थी।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका किसान क्रेडिट कार्ड तैयार कर उन्हें सौंप दिया। किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त होने पर रामनाथ पंडो ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें खाद-बीज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सहकारी समिति से आवश्यक कृषि सामग्री उचित दर पर मिल सकेगी और जरूरत पड़ने पर ऋण की सुविधा भी आसानी से उपलब्ध होगी। इससे खेती-किसानी अधिक सुगम और लाभकारी बनेगी।